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स्मॉग से हालात गंभीर होने के बावजूद लघु सचिवालय के गेट और भिवानी रोड पर बेखौफ चलता रहा निर्माण कार्य

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रोहतक। खतरनाक स्तर पर पहुंचे प्रदूषण के स्तर को देखते हुए उपायुक्त के शुक्रवार को पांच नवंबर तक पूरे जिले में सख्ती से निर्माण कार्यों को रोकने के आदेश जारी किए थे। मगर शनिवार को उनके आदेश लघु सचिवालय (आयुक्त, उपायुक्त व एसपी कार्यालय) के मुख्य गेट के पास प्रदूषित हवा में उड़ते रहे। यही नहीं, भिवानी रोड पर भी बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चलता रहा। मगर न तो पुलिस और न प्रशासनिक अधिकारियों ने इनको रुकवाने का प्रयास किया। खेतों में पराली जलाने की वजह हवा में प्रदूषण की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। ऑक्सीजन की मात्रा कम होने की वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी है। हालात से निपटने के लिए उपायुक्त आरएस वर्मा ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा कि किसी भी तरह का निर्माण कार्य सात नवंबर तक नहीं किया जाएगा क्योंकि मिट्टी, बालू व सीमेंट के कण हवा में मिलकर प्रदूषण का स्तर बढ़ाएंगे। इसके अलावा मिट्टी व बालू की ढुलाई पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। मगर हैरानी की बात है कि उपायुक्त के आदेश का पालन शहर में होना तो दूर की बात खुद लघु सचिवालय के आसपास नहीं हुआ। मुख्य गेट पर श्रमिक बालू व सीमेंट छानकर चिनाई का मिश्रण बनाने और निर्माण कार्य करने में मशगूल रहे। वहीं, भिवानी रोड पर बड़े पैमाने पर बहुमंजिला इमारत का निर्माण युद्ध स्तर पर किया गया। काफी रफ्तार से लेंटर डालने का काम किया गया। इन्हें भी किसी ने रोकने का प्रयास नहीं किया।
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घने स्मॉग की वजह से निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाया गया है। यदि आदेश के बावजूद निर्माण कार्य किया गया तो रविवार को पता करके कार्रवाई की जाएगी। टीमों को शहर में होने वाले निर्माण कार्य रुकवाने के लिए लगाया जाएगा।
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- आरएस वर्मा, उपायुक्त रोहतक
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