रोहतक। सेक्टर-14 स्थित एग्रो मॉल के दुकान मालिकों के लिए सरकार की ओर से राहत भरा फैसला लिया गया है। मॉल की अलॉट साइट को नहीं रखने के इच्छुक दुकानदारों को जमा राशि सात प्रतिशत ब्याज सहित वापस की जाएगी। इसकी जानकारी मार्केट कमेटी सचिव दीपक लोहचब ने दी है।
उन्होंने बताया कि एग्रो मॉल को वर्ष 2013 में बनाया गया था। इसमें 282 दुकानें हैं। इनमें से 78 एग्रो उत्पाद बेचने के लिए अलॉट की गई थीं। चार लोगों ने अलॉट होने के बाद दुकान नहीं करने का फैसला लिया था। इस तरह बाद में अलॉट दुकानें 74 रह गईं।
इन दुकानों के लिए सरकार की ओर से जो राशि रखी गई थी शुरुआत में उसका 25 प्रतिशत का भुगतान कराया गया था। बाकी राशि का भुगतान हर छह महीने में किस्त के रूप में करने के लिए कहा गया था। इन दुकानों से सरकार के पास करीब 18.5 करोड़ रुपये आए थे। इसके बाद दुकान मालिकों को दुकान चलाने की अनुमति दे दी गई।
जब दुकान मालिकों ने समय पर किस्त का भुगतान नहीं किया तो इनको डिफाल्टर की सूची में डाल दिया गया। शेष राशि को ब्याज के साथ देने के लिए कहा गया। इसको लेकर इनको नोटिस दिए गए। इस पर दुकान मालिक उपभोक्ता कोर्ट चले गए। पिछले 12 साल से ये विवाद बना हुआ था। इसके अलावा जो अलॉट दुकानें रखना चाहते हैं उन्हें बोर्ड की पिछली स्कीम यानी विवादों का समाधान-दो के तहत बकाया राशि जमा करने की अनुमति होगी।
दुकान मालिकों के लिए रखी हैं ये शर्तें
स्कीम का लाभ लेने वाले दुकान मालिकों से लिखित में दस्तावेज लिया जाएगा।
कोर्ट केस वापस लेने होंगे।
भविष्य में इन दुकानों पर कोई दावा नहीं करेंगे।