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Rohtak News: कुलपति से मुलाकात के बाद विद्यार्थियों का संशय दूर

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रोहतक। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के लिए शुरू हुई एमबीबीएस की दाखिला प्रक्रिया के बीच उभरे त्रिपक्षीय अनुबंध (ट्राई पार्टी एग्रीमेंट) पर बना विवाद और संशय मंगलवार दोपहर बाद दूर हो गया। विद्यार्थियों ने एग्रीमेंट की प्रति मिलने और पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) की कुलपति प्रो. अनीता सक्सेना से मुलाकात के बाद स्थिति स्पष्ट होने का दावा किया है।
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मंगलवार को पीजीआईएमएस के पुराने विद्यार्थियों और नए विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ हुई कुलपति की मुलाकात के दौरान बैंक और चंडीगढ़ मुख्यालय से अधिकारी भी मौजूद रहे। इनके बीच ट्राई पार्टी एग्रीमेंट की समस्याओं व उनके समाधान पर चर्चा हुई। इस संबंध में विद्यार्थियों ने वीडियो जारी कर अभिभावकों से फीस जमा कराने की अपील भी की है।

विद्यार्थियों का कहना है कि ट्राई पार्टी एग्रीमेंट को लेकर अधिकतर शंकाएं बैंक अधिकारियों ने दूर कर दी हैं। एमओयू की शर्तें राज्य सरकार की बॉन्ड पॉलिसी 21 दिसंबर 2022 से मेल खाती हैं। बैंक और प्रशासन के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि सही समय पर विद्यार्थियों के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) की प्रति साझा नहीं की गई। इस कारण विद्यार्थियों में एग्रीमेंट की शर्तों को लेकर शंकाएं उत्पन्न हुईं।
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विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और निजी बैंक से अनुरोध किया है कि भविष्य में बॉन्ड पॉलिसी के संबंध में सरकार, कॉलेज अथवा बैंक के मध्य इस तरह का कोई समझौता होता है या निर्णय लिया जाता है तो वह उसी समय विद्यार्थी से साझा किया जाए। विद्यार्थियों को उसमें भागीदार बनाया जाना चाहिए ताकि उन्हें सारी जानकारी मिल सके। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने एमओयू की प्रति तुरंत डीएमईआर हरियाणा और काउंसिलिंग वेबसाइट पर डाले जाने की मांग की है। इससे दाखिला लेने वाले हर एक विद्यार्थियों को एमओयू की सभी शर्तें मालूम होंगी।

एमबीबीएस छात्र पंकज बिट्टू ने कहा कि बॉन्ड पॉलिसी में शंकाओं के चलते नए विद्यार्थी हरियाणा के कॉलेज न छोड़ें। नए बैच के विद्यार्थी अपना एग्रीमेंट जमा करा करा दाखिला प्रक्रिया पूरी करें। एमओयू के तहत 30 लाख रुपये का अधिकतम लोन दिया जाएगा। विद्यार्थी सरकारी नौकरी नहीं करेगा तो उसे लोन चुकाना होगा।
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