संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रोडवेज के बेड़े में पिछले दिनों शामिल की गईं 13 नई बसें पंजीकरण और पासिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग-अलग रूट पर उतारी जाएंगी। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) में इन बसों के दस्तावेजों का सत्यापन चल रहा है।
दो सप्ताह पहले 13 नई बसें डिपो में आई थीं। डिपो में खड़ी इन बसों के लिए सभी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने में आरटीए को समय लग रहा है। इसकी वजह से ये बसें अभी तक सड़कों पर नहीं उतारी जा सकी हैं।
कर्मचारियों के अनुसार बसों के सभी दस्तावेज आरटीए कार्यालय में जमा करा दिए गए हैं, लेकिन पासिंग और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में समय लग रहा है। यह देरी मुख्य रूप से डॉक्यूमेंट्स की जांच और सत्यापन में हो रही है।
फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन बसों का अलग-अलग रूट पर चलाया जाएगा। जब तक ये प्रक्रिया पूरी नहीं होतीं, तब तक बसें डिपो में ही खड़ी रहेंगी।
यात्रियों को घंटों तक करना पड़ रहा इंतजार
ग्रामीण क्षेत्रों और लंबे रूट पर जहां बसों की संख्या कम है, वहां यात्रियों को घंटों बस का इंतजार करना पड़ रहा है। कई रूटों पर बसों की कमी के कारण भीड़ लगती है जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। इन 13 नई बसों के चलने से ये दिक्कतें काफी हद तक कम हो सकती हैं। रोडवेज के मुताबिक क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की ओर से पासिंग प्रक्रिया में कुछ डॉक्यूमेंट बन चुके हैं और कुछ की कमी है, जिसके कारण बसें अभी डिपो में खड़ी हैं। रोडवेज के सभी दस्तावेज मिलते ही नई बसें रूटों पर उतार दी जाएंगी।
-
वर्जन
रोडवेज के बेड़े में हाल ही में 13 नई बसें शामिल की गई हैं। इन बसों की पासिंग और पंजीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यात्रियों की सेवा के लिए जल्द ही लोकल और लंबे रूट पर बसें उतारी जाएंगी। निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज रेवाड़ी।