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Rohtak News: बीस दिन तक चक्कर लगवाने के बाद सांपला पुलिस ने की थी गुमशुदगी दर्ज

Sat, 28 Jun 2025 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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अजय के हत्यारोपी चेक की शर्ट में सुमित और काली टी शर्ट में भूपेंद्र। स्रोत: सोशल मीडिया
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रोहतक। भैंसरू खुर्द गांव निवासी अजय हत्याकांड में यदि सांपला पुलिस पहले से ही गंभीर हो जाती तो घटना का काफी समय पहले ही खुलासा हो जाता, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने में भी 20 दिन तक परिजनों को घुमाया था। 8 अप्रैल को अजय की गुमशुदगी की शिकायत दी थी, लेकिन कई बार जाने के बावजूद केस दर्ज नहीं किया।
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जब भी परिजन थाने जाते तो यही कहा जाता कि आ जाएगा, कहीं मौज-मस्ती करने गया होगा। पीड़ित पिता सतीश ने बताया कि जब सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने 28 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज की। इसके बाद भी पुलिस ने कई दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की। परिजन का आरोप है कि यदि समय से पुलिस केस दर्ज करके जांच करती तो काफी पहले ही हत्यारोपियों को काबू किया जा सकता था।
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...एक महीने तक डर रहे थे हत्यारोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्यारोपियों ने एक माह तक अजय की हत्या को लेकर डर रहे थे और जब कोई पूछताछ नहीं हुई तो उन्होंने अपना सामान्य जीवन जीना शुरू कर दिया था। हत्या के बाद किसी को संदेह न हो, इसलिए रुपये भी ज्यादा खर्च नहीं किए थे। इस दौरान ज्यादातर समय अपनी रिश्तेदारियों में ही बिताया था। घटना को एक माह बीत जाने के बाद जब कोई पूछताछ नहीं हुई तो उसके बाद ही खुलकर जीना शुरू किया था।
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हत्यारोपी सुबह या शाम एक बार जरूर बैठते थे साथ
अजय की हत्या के बाद सभी ने काम के अनुसार 1.30 करोड़ रुपयों का हिस्सा बांट लिया था, ऐसे में किसी की जुबान से कोई बात न फूट जाए, इसके लिए एक दूसरे को कसमें भी दिलाई थीं। अजय हत्याकांड की कोई चर्चा तो नहीं हुई, इसके लिए दिन में सुबह या शाम एक बार जरूर साथ बैठते थे। यदि कोई पूछे कि क्या कर रहे हो तो दिल्ली में एक प्रॉपर्टी की डीलिंग में कुछ कमाई हुई है। इस तरह की बात करके लोगों को टरका देना है।
क्या था प्रकरण...
भैंसरू खुर्द गांव निवासी अजय ने अपना जमीन का हिस्सा बेचा था। इसमें 1.30 करोड़ लेकर दोस्तों के साथ कार से मुरादाबाद जा रहा था। वहीं पर जाते हुए 3 अप्रैल की रात को कार में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद अजय को मुरादाबाद के थाना बिलारी के गांव पहाड़पुर निवासी अपने दोस्त सुमित के घर गया था। रुपयों को देखकर सुमित के मन में लालच आ गया और पांच साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। हत्या के बाद शव खेड़ाखास के जंगल में गड्ढा खोदकर दबा दिया था।
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