कन्हेली की रितु दहिया ने बोर्ड की 12वीं कक्षा के कला संकाय में 96 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने बड़े भाई व मां की मेहनत को सफल बना दिया। बहन को सफल बनाने के लिए बड़े भाई सौरभ ने अपनी पढ़ाई छोड़ कर घर की जिम्मेदारी संभाली। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी के साथ देर रात तक बहन को पढ़ाने के साथ उसकी पाठ्य सामग्री भी खुद तैयार की। अमर उजाला से हुई बातचीत में छात्रा ने अपनी सफलता की कहानी के साथ अपने भाई और मां का संघर्ष साझा किया।
रितु ने बताया कि वर्ष 2008 में एक सड़क हादसे में पिता का निधन हो गया। इसके बाद बड़े भाई सौरभ ने घर की जिम्मेदारी व बहन की पढ़ाई जारी रखने के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी। उसने घर चलाने के लिए काम करना शुरु कर दिया। उसने अपने जीवन की आहुति देकर बहन का जीवन रोशन कर दिया। इस सफलता में स्कूल अध्यापकों का भी सहयोग रहा। सोशल मीडिया त्याग कर केवल एनसीईआरटी की किताबों से तैयारी की। बाेर्ड की ओर से वेबसाइट पर डाले अभ्यास परीक्षा पत्र से बेहद मदद मिली। भूगोल विषय में सबसे अधिक 96 अंक आए। भविष्य में यूपीएससी की परीक्षा पास करने का लक्ष्य है। इसकी तैयारी जारी है।
दिशा ने प्राप्त किए 97 प्रतिशत अंक
एकता कॉलोनी निवासी दिशा ने बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। कला संकाय में भूगोल विषय में बेहतर प्रदर्शन कर सबसे अधिक 97 अंक हासिल किए। परिवार में माता-पिता का सहयोग रहा। स्कूल के अलावा बोर्ड की ओर से अभ्यास परीक्षा पत्र व सोशल मीडिया की मदद से परीक्षा की तैयारी की। दिशा का सपना आईएएस बनने का है।
दादा की मदद से जस्सी ने पाए 97.8 प्रतिशत अंक
इंदिरा कॉलोनी निवासी जस्सी ने बोर्ड परीक्षा के कॉमर्स संकाय में 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। अपने दादा की मदद से पढ़ाई करते हुए इस बेटी ने परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। उसने कहा कि दादा ने हर कदम पर साथ दिया। परीक्षा के समय घर पर पढ़ाई का माहौल बनाए रखने से लेकर सेहत, सुरक्षा और जरूरत की सभी चीजों का ध्यान रखा। अर्थशास्त्र विषय में 100 अंक आए। भविष्य में सीए बनने का सपना है।