स्मार्ट फोन की बढ़ती लत के चलते जन्म-जन्म तक साथ रहने की शपथ लेने वाले पति-पत्नी के रिश्ते दरक रहे हैं। साथ रहते हुए भी एक-दूसरे को समय न देने से तलाक तक की नौबत आ रही है। ऐसे मामले महिला थाना, परिवार न्यायालय, अन्य अदालतों के अलावा राज्य महिला आयोग तक भी पहुंच रहे हैं। राज्य महिला आयोग ने पाया है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के 60 प्रतिशत मामले पत्नी के एंड्रॉयड फोन पर ज्यादा व्यस्त रहने के कारण पहुंच रहे हैं।
राज्य महिला आयोग की काउंसिलिंग के बाद 20 से अधिक पति फीचर फोन रखनेे की शर्त पर पत्नी को अपने साथ रखने को तैयार हुए। कुछ पतियों ने सुनवाई के दौरान पत्नियों पर यह आरोप लगाया कि स्मार्ट फोन के जरिये घर की हर बात फोटो डालकर ससुरालियों को बताई जा रही है। एंड्रॉयड फोन ने हमारा जीवनबर्बाद कर दिया है।
पतियों की शिकायत रहती है कि घर के झगड़े व अन्य फोटो भी एंड्रॉयड फोन से मायके भेजती है। ऐसे मामलों में फीचर फोन रखने की शर्त पर पत्नी को ले जाने को तैयार हो रहे हैं। 60 प्रतिशत मामलों में दोनों के बीच विवाद का कारण एंड्रॉयड फोन बन रहा है। कई मामलों में दोनों के बीच सुलह कराई जा चुकी है, जबकि अन्य में भी सुलह करा दी जाएगी।
- प्रतिभा सुमन, चेयरमैन, राज्य महिला आयोग।