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सूअरों की जांच में मिला अफ्रीकन स्वाइन फ्लू, नगर पालिका करा रही दफन

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मृत सूअरों को गड्ढे में दबाया गया। संवाद - फोटो : RohtakCity
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रोहतक/कलानौर। कलानौर के सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू मिलने की पुष्टि होने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। पशुपालन विभाग के महानिदेशक कार्यालय पंचकूला से जारी रिपोर्ट इसकी पुष्टि कर रही है। लेकिन जिले का पशुपालन विभाग सूअरों के स्वाइन फ्लू संक्रमित होने की पुष्टि नहीं कर रहा है। विभाग के उप निदेशक डॉ. सूर्या खटकड़ के अनुसार जांच रिपोर्ट सोमवार को मिलेगी, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, कलानौर नगर पालिका की ओर से मृत सूअरों को दफन किया जा रहा है।
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पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग, पंचकूला के महानिदेशक के निर्देशों में जारी रिपोर्ट में कलानौर के सूअरों के अफ्रीकन स्वाइन फ्लू ग्रस्त होने की पुष्टि हो गई है। गत एक सप्ताह के दौरान कलानौर व आसपास करीब 100 सूआरों की मौत हो चुकी है। नगरपालिका मृत सूअरों को गड्ढे खोदकर दबा रही है। इस संबंध में नगरपालिका चेयरपर्सन प्रवीण कुमारी ने बताया कि कस्बे में आए दिन पालतू सूअर मर रहे हैं जो कि लावारिस हालत में सड़कों पर मिल रहे हैं। नगर पालिका टीम एहतियात के तौर पर इन्हें जमीन में दबा रही है।
नहीं आ रहे कई मामले सामने
वहीं सूत्रों की मानें तो कई सूअर पालक विभागीय जांच व कार्रवाई से बचने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। वह अपने मृत सूअरों को स्वयं दफन कर रहे हैं या इधर-उधर फेंक रहे हैं। इससे संक्रमण के लगातार बढ़ने की आशंका बनी है। बता दें कि जिले में करीब 10 हजार सूअर हैं।
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निरीक्षण करने पहुंची टीम
स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए डेयरी एवं पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. सूर्या खटकड़ शुक्रवार को अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सैंपल लुवास लैब भेजे गए हैं।
वर्जन -
कस्बे में सूअरों की मौत की सूचना मिली है। संदिग्ध पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। लक्षणों के आधार पर इनमें अफ्रीकन स्वाइन फ्लू मिलने की आशंका है।
- डॉ. ललित, वेटनरी इंचार्ज, कलानौर
सुबह पांच बजे सैर पर जा रहा था। कैंटर में सवार फार्म संचालक मृत सूअरों को सड़क पर फेंक रहे थे। मृत सूअरों के कारण क्षेत्र में बदबू फैली हुई है। राहगीरों को यहां से गुजरने में परेशानी हो रही है। उपायुक्त कार्यालय में भी मामले की शिकायत की है।
- कैप्टन जगबीर मलिक, सुखपुरा चौक निवासी
सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू मिलना गंभीर मामला है। इनके संपर्क में जो भी व्यक्ति आया है वह स्वयं को एक सप्ताह के लिए आइसोलेट कर लें और अपनी जांच करवाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, विभागाध्यक्ष पीसीसीएम विभाग, पीजीआईएमएस
हमारे पास किसी सूअर के स्वाइन फ्लू ग्रस्त होने की जानकारी नहीं है। यह जानकारी पशुपालन विभाग की ओर से दी जानी चाहिए। यदि इसमें कोई लापरवाही कर रहा है तो वह गलत है। क्योंकि जो सूअर पालक इनके करीब हैं उनकी जांच होनी चाहिए।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
कलानौर खंड में तीन सूअरों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। सूचना के आधार पर शुक्रवार को विभाग की टीम ने मौका निरीक्षण किया। संदिग्ध पशुओं के सैंपल जांच के लिए जांच केंद्र भेजे गए हैं। पशुपालकों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए उचित दिशा निर्देश दिए गए हैं। पशुपालक पशुओं में स्वाइन फ्लू व लंपी चर्म रोग वायरस के लक्षण पाए जाने पर घबराएं नहीं बल्कि पशु चिकित्सकों को सूचित करें।
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- डॉ. सूर्या खटकड़, उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग
विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी
1. पालकों द्वारा सूअर को बाड़ों में ही संरक्षित रखे।
2. किसी भी सूअर के बीमार होने पर आवागमन को पूर्णतया प्रतिबंधित रखें।
3. किसी भी प्रकार के सूअर बाजार का आयोजन पूर्णतया प्रतिबंधित रखा जाए।
4. रोग प्रभावी क्षेत्र में सूअर किसी भी दशा में खुले में घूमते हुए न पाए जाएं।
5. सूअर बाड़ों में सफाई एवं सैनिटाइजेशन किया जाए।
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