रोहतक। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक जनवरी से ही राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 की शुरुआत की जा चुकी है। इसके तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने मध्यस्थता कराने वाले अधिवक्ताओं के साथ बैठक की।
डॉ. तरन्नुम खान ने निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक मामलों में आपसी सहमति से समझौते कराने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि दुर्घटना, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक बाउंस, प्रॉपर्टी विवाद, आपराधिक समझौता योग्य, उपभोक्ता विभाग से जुड़े, वसूली, भूमि अधिकरण से संबंधित मामले व अन्य को आपसी समझौते के माध्यम से प्रभावी रूप से निपटाया जा सकता है। संवाद