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बदलते मौसम में हाई फाइबर डाइट अपनाएं : डॉ. पूनम कथूरिया

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05 पीजीआई में तैनात वरिष्ठ डायटीशियन डॉ. पूनम कथूरिया
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रोहतक। सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। ठंड के कारण शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और प्यास कम लगने से पानी का सेवन भी घट जाता है। इसका सीधा असर इम्यूनिटी पर पड़ता है।
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पीजीआई में तैनात वरिष्ठ डायटीशियन डॉ. पूनम कथूरिया ने बताया कि इस मौसम में यदि सही डाइट प्लान न अपनाया जाए तो सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल बुखार जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। बदलते मौसम में मरीजों को हाई फाइबर डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत करता है जिससे शरीर पोषक तत्वों को अच्छे से अवशोषित कर पाता है। साबुत अनाज, दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस और मौसमी सब्जियां डाइट में जरूर शामिल करनी चाहिए।
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डॉ. पूनम कथूरिया ने बताया कि सर्दियों में पोषक तत्वों के स्रोत भी अधिक उपलब्ध होते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, चुकंदर, मटर, शकरकंद और मूली विटामिन के साथ मिनरल्स से भरपूर होती हैं।
मौसमी फल संतरा, अमरूद और सेब विटामिन-सी का अच्छा स्रोत हैं जो इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम और अखरोट शरीर को ऊर्जा देने के साथ ठंड से बचाने में भी सहायक होते हैं।

पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी व सूप पीना लाभदायक होता है। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और खून का संचरण बेहतर से हो पाता है। सही डाइट अपनाने से सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल इंफेक्शन, पेट संबंधी समस्याएं, कब्ज और जोड़ों के दर्द से भी बचाव किया जा सकता है।

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सर्दियों में संतुलित पौष्टिक आहार अपनाना जरूरी है। इससे न केवल इम्यूनिटी मजबूत रहती है बल्कि शरीर मौसम के बदलाव के अनुसार खुद को बेहतर तरीके से ढाल पाता है। विटामिन डी लेना भी जरूरी रहता है। सर्दियों में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों और बुजुर्गों को धूप में बैठना चाहिए।। - सोनिया दुहन, डायटीशियन, नागरिक अस्पताल

05 पीजीआई में तैनात वरिष्ठ डायटीशियन डॉ. पूनम कथूरिया

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