विजेंद्र कौशिक
रोहतक। जिला प्रशासन ने डी-पार्क हादसे में जली 10 दुकानों को व्यापारियों को सौंप दिया है। सौंपी गई दुकानें अब कारोबार करने लायक नहीं बची हैं। पीडब्ल्यूडी की भवन शाखा ने आठ दुकानों को कंडम (असुरक्षित) घोषित कर दिया है। हादसे के 18 दिन बाद भी पूरा मुआवजा न मिलने से परेशान दुकानदारों ने दूसरी जगह कारोबार शुरू कर दिया है।
9 जून को दोपहर 2:20 बजे डी-पार्क पर रोहतक शूज दुकान की छत पर अचानक आग भड़क गई थी। आसपास की 10 से ज्यादा दुकानों में आग फैल गई थी। साथ लगती जूतों की दुकान किराये पर चला रहे गुरुनानकपुरा निवासी रोहित, कारीगर अमन यादव व अन्य दुकान के कारीगर कपिल की जिंदा जलने से मौत हो गई थी।
छह घंटे बाद फायर ब्रिगेड की 20 से ज्यादा गाड़ियां आग बुझा पाई थीं। प्रशासन की तरफ से दुकानों को सील कर दिया गया था। जांच के लिए दो कमेटियां गठित की गई थीं। एडीसी एवं निगम आयुक्त नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी को आग के कारणों का पता लगाने व फायर ब्रिगेड के देरी से आने की जांच सौंपी गई थी।
दूसरी कमेटी निगम के संयुक्त आयुक्त मंजीत सिंह की अध्यक्षता में गठित की गई जिसे दुकानों में हुए नुकसान व मुआवजे के दावों की जांच करनी थी। दोनों कमेटियां हादसे के 18 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट डीसी सचिन गुप्ता को नहीं दे सकी हैं।
....
फायर ब्रिगेड को क्लीनचिट देने की तैयारी
आरोप लगे थे कि फायर ब्रिगेड समय पर आती तो दुकानों में लगी आग बुझ जाती। सूत्रों का कहना है कि जांच कमेटी ने फायर ब्रिगेड को क्लीनचिट देने की तैयारी कर ली है क्योंकि फायर ब्रिगेड कार्यालय के बाहर सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो उस दिन दोपहर 2:21 बजे आग लगने की कॉल आई थी। 2:22 गाड़ी रवाना हो गई और 2.26 बजे मौके पर पहुंच गई थी। इसकी सीसीटीवी फुटेज सबूत के तौर पर ली गई है। एक सप्ताह में एडीसी नरेंद्र की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंप सकती है।
...........
शुक्रवार को प्रशासन ने दुकान उन्हें सौंप दी लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से दी गई जांच रिपोर्ट में दुकान को असुरिक्षत बताया गया है। अब तोड़कर दोबारा दुकान बनाएंगे।
- पीयूष कालड़ा, संचालक कैलाश बूट हाउस
......
पहले तो जली दुकानों से सामान चोरी हो गया था। चोर लोहे का सामान व लक्कड़ उठाकर ले गए थे। किराये पर दुकान ले रखी थी जिसे असुरक्षित घोषित किया गया है। मैं दुकान मालिक से बात कर रहा हूं।
- रवींद्र यादव, संचालक फुट लुक
...
शुक्रवार दोपहर प्रशासन ने सील हटाकर दुकानें सौंप दीं। दुकानें असुरिक्षत बताई गई हैं। डी-पार्क से थोड़ी आगे परिचित की दुकान में कारोबार शुरू किया है। अब तो नए सिरे से दुकान बनाकर काम शुरू करेंगे। अभी पांच लाख की ही सहायता राशि मिली है, बाकी मुआवजा नहीं मिला है। - सतीश कुमार, मालिक रोहतक शूज
..
डी-पार्क स्थित दुकानों की विभाग ने जांच की है। अपनी रिपोर्ट जांच कमेटी को सौंप दी है। मैं अपनी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकता।
- हेमंत कुमार, कार्यकारी अभियंता लोक निर्माण विभाग भवन शाखा