बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन अलर्ट हो गया है। अक्षय तृतीय पर 10 मई का शादी का अबूझ मुहूर्त पर होने वाली शादियों पर प्रशासन की नजर में रहेंगी। हर वर्ष सामने आ रहे बाल विवाह के मामले देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाने का फैसला लिया है। पिछले वर्ष जिले में बाल विवाह की 15 शिकायतें सामने आई। इन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए 12 शादी स्थगित कराई और तीन में पुलिस कार्रवाई की गई।
बाल विवाह रोकने के लिए जिले में संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, जिला बाल कल्याण इकाई, सभी जिला परियोजना अधिकारियों व एमडीडी संस्था के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने इस संबंध में धार्मिक स्थलों के प्रमुखों के साथ बात की है। उन्हें बाल विवाह के खिलाफ अभियान में शामिल होने की अपील की है। इनमें माता दरवाजा मंदिर, गुरुद्वारा टिकाना साहिब, लाल मस्जिद व नूरानी मस्जिद, कलानौर स्थित सत जिंदा कल्याणा आश्रम व कलानौर की मस्जिद में जाकर इस संबंध में अपील की। बाल विवाह निषेध कानून संबंधी पर्चे भी वितरित किए गए।
बैंक्वेट हाॅल संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को भी जागरूक करने का प्रयास किया गया। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों के साथ मिलकर आंगनबाड़ियों में महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों में भी बाल विवाह निषेध कानून को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बाल विवाह कराने, उसे बढ़ावा देने, उसमें सहायता करने वाले को दो साल तक की कड़ी सजा व एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, 181 व डायल 112 पर सूचित करें।
यह भी जानें
- वर्ष 2022-23 में जिले में बाल विवाह से संबंधित 15 शिकायत आईं।
- 12 मामलों में शादी स्थगित करवाई व तीन में पुलिस कार्रवाई हुई।
- वर्ष 2023-24 में जिले में बाल विवाह से संबंधित सात शिकायतें आईं।
- छह मामलों में शादी स्थगित करवाई गई व एक सूचना गलत पाई गई।
- अप्रैल 2024 में बाल विवाह की आई दो शिकायतें स्थगित कराई गई।