महामंडलेश्वर कपिलपुरी को राशि लौटते हुए पुलिस कर्मचारी। स्रोत : पुलिस
रोहतक। गौकर्ण धाम के महामंडलेश्वर बाबा कपिलपुरी के साथ अयोध्या में प्लाॅट दिलवाने के नाम पर ठगी के मामले में पुलिस को अहम कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने मंगलवार को केस की जांच के दौरान बरामद की 11 लाख रुपये की राशि अदालत से सुपरदारी करवाकर बाबा कपिलपुरी को सौंप दी।
साइबर थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि गौकर्ण धाम के महंत कपिलपुरी ने शिकायत दी थी कि वे अयोध्या में आश्रम बनाने चाहते थे। इसके लिए परिचित महंत स्वामी विवेकानंदपुरी ने कहा कि अयोध्या में उसकी जानकारी है और उसे वहां प्लॉट दिलवा देंगे। स्वामी विवेकानंदपुरी ने सिद्धनाथ नामक संत से मोबाइल पर बात करवाई। सिद्धनाथ ने कहा कि उसकी जानकारी में अयोध्या में एक प्लॉट है जो राम मंदिर के नजदीक पड़ता है और वह उसे दिलवा देगा। सिद्धनाथ ने कहा कि जगह का बयाना कराने के लिये 30 लाख रुपये लगगे। सिद्धनाथ ने कहा कि रुपये उसकी शिष्या कंचन कुमारी के खाते में जमा करवा दे। महंत कपिलपुरी ने 30 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर कर दिये। महंत कपिलपुरी ने जमीन का विवरण मांगा तो कहा कि एक-दो दिन मे विवरण देंगे। इसके बाद कपिलपुरी की बातों को टाल मटोल कर मोबाइल फोन बंद कर दिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी सिद्धांत उर्फ कृष्ण करण छपरा जिला बलिया (उतर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया था। उससे 11 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जो अदालत से सुपरदारी के बाद महंत को सौंप दिए गए।