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एडीजीपी सुसाइड केस : सर्किट हाउस कैंटीन में नाम बदलकर खाना खाता था एडीजीपी का गनमैन

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। एडीजीपी वाई पूरण कुमार का गनमैन सुशील कुमार सर्किट हाउस की कैंटीन में नाम बदलकर खाना खाता था। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने तैयार की चार्जशीट में कैंटीन का करीब 100 पेज का रिकाॅर्ड शामिल किया है। बुधवार को जांच टीम चार्जशीट की कॉपी लेकर अदालत पहुंची लेकिन खामियों के चलते वापस ले गई।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, 6 अक्तूबर को शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल ने अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी थी कि उसे बड़े बदमाशों ने वसूली के लिए जान से मारने की धमकी दी हुई है। इस कारण उसे पुलिस सुरक्षा मिली हुई है। हिमांशु भाऊ गैंग के कई साथियों ने शराब ठेकों में हिस्सा डाला हुआ है। इस कारण अब जान का खतरा बना रहता है।
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उससे आईजी का खास आदमी बताने वाले हवलदार सुशील कुमार ने 2.50 लाख की मंथली मांगी। इसके लिए अपने कार्यालय में बुलाया। अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने ठेकेदार की शिकायत पर सुशील कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया था। 7 अक्तूबर को अदालत में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेज दिया गया। उसी दिन एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने आत्महत्या कर ली थी।
एसआईटी ने आरोपी सुशील कुमार के खिलाफ एक हजार पेज की चार्जशीट तैयार की है जो तीन फाइलों में रखी गई है। इसमें कॉल डिटेल, मोबाइल फोन लोकेशन से लेकर कैंटीन का रिकाॅर्ड तक शामिल है। एसआईटी फाइल को चार दिन पहले एक्सपर्ट से जांच करवा चुकी है। चार दिन पहले एक्सपर्ट से चार्जशीट की जांच कराई गई। इसमें पता चला कि जांच टीम ने आरोपी गनमैन की पोस्टिंग से जुड़ा रिकाॅर्ड शामिल नहीं किया।
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मामले की जांच के लिए प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। डीएसपी गुलाब सिंह के नेतृत्व में जांच टीम ने चार्जशीट तैयार कर ली है। दो माह के अंदर चार्जशीट अदालत में दाखिल करनी है। अभी आठ दिसंबर तक का समय जांच टीम के पास है।
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