प्रदेश में फिलहाल थर्मल पॉवर प्लांट की नहीं बल्कि अडानी ग्रुप की बिजली सप्लाई को जारी रखा जाएगा।
ये कहना है बिजली निगम के निदेशक पवन कालरा ने। बृहस्पतिवार को जिला विकास भवन में हुई एक प्रेस वार्ता के दौरान निदेशक ने कहा कि थर्मल पॉवर प्लांटों की बिजली थोड़ी महंगी साबित हो रही है, इसकी अपेक्षा अडानी ग्रुप की बिजली सस्ती है।
वहीं उन्होंने कहा, बिजली की प्रदेश में जितनी खपत है उससे ज्यादा बिजली है, लेकिन मेंटेनेंस के चलते लाइन लॉस की दिक्कत आ रही। इस वजह से लोगों को कट का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व सरकार के बिल माफ पर बोले, बिजली चैरिटी के लिए नहीं
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि थर्मल पॉवर प्लांटों में बिजली उपलब्ध नहीं हैं, बावजूद प्रदेश में फिलहाल अडानी ग्रुप की ही बिजली सप्लाई जारी रखी जाएगी और ये निर्णय प्रदेश सरकार ने लिया है। उन्हाेंने बताया कि प्रदेश में बिजली बिलाें के करीब 5692 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 1736 करोड़ एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 3956 करोड़ रुपये शामिल हैं। पूर्व की हुड्डा सरकार द्वारा सत्ता में आते ही 1600 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ करने से हालात बिगड़ने को लेकर कहा कि बिजली निगम में बिजली चैरिटी के लिए नहीं है। इसके अलावा बिजली बिलाें की वसूली के लिए नई पॉलिसी लाने की बात भी उन्हाेंने कही। ग्रामीण क्षेत्राें में कम बिजली सप्लाई के सवाल पर उन्हाेंने स्पष्ट कहा कि इसके पीछे लाइन लॉस की संभावना एक बड़ी वजह है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 80 फीसद लाइन लॉस ग्रामीण इलाकाें में है और 20 से 30 प्रतिशत शहरी इलाकाें में।
बिल भरें किसान तो मिलेगी 16 घंटे तक बिजली
पवन कालरा ने कहा कि अगर वो किसान बकाया बिजली बिल भर दें तो उनको खेती के लिए 16 घंटे तक बिजली मिल सकती है।
कालरा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रदेश के पास सरप्लस बिजली है। उन्हाेंने बताया कि प्रदेश के पास 11 सौ मेगावाट बिजली उपलब्ध है जबकि खपत महज 91 सौ मेगावाट की है। सरप्लस बिजली के बावजूद प्रदेश भर में लग रहे कटाें पर उन्हाेंने कहा कि रखरखाव में कमी के कारण ऐसा हो जाता है।
बिजली की शिकायत के लिए जारी किया टोल फ्री नंबर
निदेशक ने इस मौके पर विभाग का टोल फ्री नंबर 18001801550 भी जारी किया। उन्हाेंने बताया कि उपभोक्ता इस नंबर पर बिजली निगम से संबंधित शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उन्हाेंने कहा कि भविष्य में जिला स्तर पर शिकायत नंबर बंद हो जाएगा और यही टोल फ्री नंबर ही जारी रहेगा।