बहादुरगढ़। परनाला के ग्रामीणों ने औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों का कचरा जलाकर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि विवार को गांव परनाला में मुंगेशपुर ड्रेन के नजदीक शामलात जमीन पर फैक्टरी वेस्ट को डालकर आग के हवाले किया गया। सरपंच प्रतिनिधि व अनेक ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
परनाला गांव निवासी ग्रामीण अशोक राठी, ओमप्रकाश, राजीव, राकेश, सुखबीर, बिजेंद्र, रामकरण, प्रीतम, जगबीर आदि का कहना है कि दिन में फैक्ट्रियों के प्लास्टिक व रबड़ का वेस्ट डाल दिया जाता है और रात के अंधेरे में इस फैक्टरी वेस्ट को आग के हवाले किया जाता है। जिससे जहरीला धुआं निकलता है और लोगों को को सांस लेने में भी परेशानी होती है। इस तरफ न तो प्रशासन कोई ध्यान दे रहा है और न ही नगर परिषद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी। फैक्टरी वेस्ट जलाने से जहरीला धुएं के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। परनाला के सरपंच प्रतिनिधि अशोक राठी ने कहा कि कूड़े के निस्तारण की बजाय खुले में डालकर जलाया जाना बेहद गलत है और एनजीटी के आदेशों की का उल्लंघन है। ऐसे में प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को खुले में वेस्ट डालने व जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। परनाला गांव की शामलात जमीन व उसके पास एरिया में खुले में वेस्ट जलाये जाने को लेकर ग्रामीणों में कड़ा रोष है।
फैक्टरी वेस्ट डालने वालों और आग लगाने वालों की पहचान की जाएगी। इसके बाद संबंधित फैक्टरी संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। खुले में कूड़े या वेस्ट में आग लगाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
-अमित कुमार, एसडीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।