राई (सोनीपत)। सीआरपीएफ में सिपाही की भर्ती के लिए लाखों रुपये देकर लिखित परीक्षा दूसरे से दिलवाने के मामले में दो अन्य आरोपियों को काबू किया है। गिरफ्तार आरोपी गांव भावड़ के रहने वाला मोनू और आजाद हैं। जांच में सामने आया है कि भर्ती परीक्षा पास कराने को पांच लाख तक में सौदा तय हुआ था और डेढ़ लाख रुपये एडवांस दिए थे। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं मामले में एक दिन पहले गिरफ्तार आरोपी ने अपने एक परिचित के माध्यम से रुपये देने की बात कही है। विदित रहे कि 27 अगस्त को भर्ती बोर्ड के चेयरमैन और सीआरपीएफ चंडीगढ़ के द्वितीय कमांडेंट संजय कुमार ने राई थाने में शिकयत दी थी कि ग्रुप केंद्र खेवड़ा में सीआरपीएफ सिपाही भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में कई अभ्यर्थियों ने दूसरे से परीक्षा दिलवाई थी। बाद में वे फिजिकल देने खुद आ गए थे। फिजिकल के अंतिम दिन डीआईजी (भर्ती), नई दिल्ली की तरफ से पत्र मिला था कि जिन अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक हाजिरी मिलान नहीं कर रही है, उन्हें परीक्षा से हटा दिया जाए और उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाए। जिस पर अंतिम दिन फिजिकल के लिए पहुंचे चार अभ्यर्थी ऐसे मिले थे, जिनकी बायोमीट्रिक हाजिरी का मिलान नहीं हुआ था। उनके फोटो और बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठे के निशान नहीं मिले थे। जिस पर राई पुलिस ने चरखी दादरी के गांव पंडवान के रहने वाले अनिल कुमार और गांव रानीला के रहने वाले योगेश कुमार, पानीपत के गांव जलमाना के रहने वाले सच्चेंद्र तथा भिवानी के गांव खरक खुर्द निवासी सुरेश पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने एक दिन पहले गांव गंगाना के प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया था। उसने पुलिस को बताया कि उसने अपने रिश्तेदार चिढ़ाना के सोनू के माध्यम से परीक्षा पास करने के लिए चार लाख में सौदा किया था।
अब एएसआई रवींद्र दहिया की टीम ने कार्रवाई करते हुए गांव भावड़ निवासी मोनू और आजाद को काबू किया है। उन्हें अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
मोनू ने चार लाख और आजाद ने पांच लाख में किया था सौदा
गिरफ्तार आरोपी मोनू और आजाद ने शुरुआती पूछताछ में चार व पांच लाख रुपये में परीक्षा पास कराने को सौदा तय किया था। जांच में सामने आया है कि मोनू ने परीक्षा पास कराने को चार लाख और आजाद ने पांच लाख में सौदा किया था। इसके लिए मोनू ने एक लाख और आजाद ने डेढ़ लाख रुपये एडवांस भी दे रखे हैं। पुलिस आरोपियों से रिमांड के दौरान पता लगाएगी कि उन्होंने पैसे किसको दिए थे। रुपये लेने वालों का पता लगाया जाएगा
सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र में भर्ती परीक्षा पास कराने के लिए धोखाधड़ी करने के दो अन्य आरोपियों को काबू किया गया है। उन्होंने पांच लाख रुपये तक देकर परीक्षा पास कराने की बात कही है। अब उन आरोपियों का भी पता लगाया जाएगा, जिन्होंने इसके लिए पैसे लिए थे।
रवींद्र दहिया, जांच अधिकारी, थाना राई।