रोहतक। बाबरा मोहल्ले में पुराने सीआईए स्टाफ के नजदीक चार साल पहले हुए अभिषेक हत्याकांड में मुख्य गवाह चचेरा भाई विकास यादव बयानों से पलट गया है। इसके चलते दो मई को एएसजे रजनी यादव की अदालत ने आरोपी गढ़ी मोहल्ला निवासी सोनू को बरी कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, 2022 में बाबरा मोहल्ला निवासी विकास यादव ने शिकायत दी थी कि वह टैक्सी चलाते हैं। चचेरे भाई अभिषेक (36) के साथ एक ही मकान में रहते हैं। 12 जुलाई 2022 को सुबह करीब 10 बजे वह पुराने सीआईए स्टाफ के सामने मौजूद था। वहां किराना की दुकान पर गढ़ी मोहल्ला निवासी सोनू भी था।
अभिषेक व सोनू के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। सोनू दुकान के अंदर से चाकू लेकर आया और अभिषेक की सीने में वार कर दिया। उसने बीचबचाव का प्रयास किया लेकिन अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो चुका था। परिजनों की मदद से अभिषेक को पीजीआई ले गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया था।
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कोर्ट ने दिए निर्णय में बताया कि गवाही के दौरान विकास ने कहा कि बाइक सवार व अभिषेक के बीच टक्कर हो गई थी। दोनों के बीच झगड़ा हो गया, वह बीचबचाव कराने लगा तो बाइक सवार ने चाकू निकाला और अभिषेक के सीने में वार कर दिया। चाकू मौके पर फेंककर भाग गया। गिरफ्तार आरोपी सोनू ने उसके भाई को चोटें नहीं मारी थीं। पुलिस ने उससे कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए थे। सीसीटीवी फुटेज में मौजूद लोगों को वह पहचानता नहीं है।