फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: अंतराष्ट्रीय मुक्केबाज को हरा आरती ने आठ साल बाद जीता स्वर्ण

Sat, 08 Nov 2025 02:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
विज्ञापन
06...आरती नरवाल।
विज्ञापन
रोहतक। राजीव गांधी स्टेडियम में साई एनबीए में आयोजित की गई हरियाणा ओलंपिक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले की मुक्केबाज आरती नरवाल ने अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर संजीता को हराकर आठ साल बाद स्वर्ण पदक जीता। आरती ने बताया कि इससे पहले राज्यस्तर की प्रतियोगिता में पदक तो जीते लेकिन स्वर्ण नहीं। कोच सुधीर ने आरती को बधाई दी।
विज्ञापन

रिठाल गांव की रहने वाली आरती ने बताया कि वर्ष 2016 में खेलने शुरू किया था। बड़ी बहन ज्योति से प्रेरित होकर बॉक्सिंग शुरू की थी। खेल में काफी उतार-चढ़ाव आए लेकिन हार नहीं मानी। 2017 में सब जूनियर राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद स्वर्ण पदक नहीं जीत पाई थी।
2018 में टाइफाइड हुआ तो ठीक होने में छह महीने लग गए। उसके बाद रिकवरी करने व दोबारा से खेल शुरू करने में काफी समय लग गया। गांव में भाई विकास मलिक ने बीमारी से उबरने में काफी मदद की। भाई की वजह से दोबारा बॉक्सिंग खेल रही हूं।
विज्ञापन

कोच सुधीर की मेहनत से स्वर्ण पदक जीता है। आरती के पिता ओमप्रकाश किसान और मां शीला देवी गृहिणी हैं। आरती तीन साल से दीनबंधु छोटूराम बॉक्सिंग अकादमी में अभ्यास कर रही हैं।



नैना ने जीता स्वर्ण पदक
गांव सिसरौली की नैना ने स्वर्ण पदक जीता। नैना ने बताया कि 2017 में खेलने शुरू किया था। पिता पवन कुमार हॉकी खेलते थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। पिता से प्रेरित होकर व उन्हीं के कहने पर खेलने शुरू किया। पिता ने कहा था कि इंडिविजुअल गेम खेलना है क्योंकि इसमें अपनी खुद की मेहनत से पदक जीत सकते हैं। मां रविता वकील हैं। दीनबंधु छोटूराम बॉक्सिंग अकादमी में कोच सुधीर के पास अभ्यास करती हैं। इससे पहले 2024 में खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में रजत पदक और 2024 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है।


आकाश ने जीता सोना
पोलंगी गांव के आकाश ने बताया कि उसने भी स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2019 में रुड़की गांव की बॉक्सर शिक्षा नरवाल से प्रेरित होकर खेलने शुरू किया था। तभी से शहीद बैतून सिंह स्टेडियम रुड़की में कोच विजय हुड्डा के पास अभ्यास करता हूं। आकाश के पिता राजेंद्र मजदूरी करते हैं जबकि मां नीति गृहिणी हैं। शुरू से ही घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो कोच विजय ने खेलने में काफी मदद की है। 2023 में खेल महाकुंभ में कांस्य पदक जीता था।

06...आरती नरवाल।

06...आरती नरवाल।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें