रोहतक। रोहतक के निजी अस्पताल में सड़क हादसे में घायल मरीज का गलत ऑपरेशन करने का मामला सामने आया है। इसके बाद घायल की गंभीर हालात को देखते हुए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में रेफर किया गया। साथ ही घायल के परिजनों को करीब 2.60 लाख का बिल थमा दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही को लेकर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया।
गांव मंडोरी जिला सोनीपत निवासी नवीन ने बताया कि उसके भाई संदीप दो दिन पहले जसिया के पास सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। इसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें बताया कि मरीज के आंत में दिक्कत है और ऑपरेशन की जरूरत है। ऑपरेशन के बाद रक्त निकला तो दोबारा ऑपरेशन थियेटर में लेकर गए। घायल की स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि मरीज की छाती में चोट लगी थी, लेकिन गलती से पेट का ऑपरेशन कर दिया। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे मेदांता के लिए रेफर किया गया है। अस्पताल ने एक लाख 97 हजार रुपये का बिल बना दिया। इसके बाद भी लेकर जाते समय 60 हजार रुपये का बिल भरने के लिए कहा गया। जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक मरीज को लेकर नहीं जा सकते। पैसे जमा करवाने के बाद भी 20 से 25 मिनट तक मरीज को नहीं लेकर जाने दिया गया। इस दौरान मरीज की स्थिति गंभीर होती जा रही थी। इसके बाद परिजनों ने इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
अस्पताल की ओर से परिजनों पर करवाया गया मारपीट का मामला दर्ज
गलत ऑपरेशन करने के बाद अस्पताल की ओर से घायल के भाई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। इस पर नवीन का कहना है कि अस्पताल में जगह-जगह कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस चाहे तो जांच कर सकती है।
वर्जन
अस्पताल से डायल 112 पर कॉल आई थी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अस्पताल में एक युवक नवीन ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने युवक पर हंगामा करने का आरोप लगाया। दोनों तरफ से शिकायत दी गई है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
-वीरेंद्र, जांच अधिकारी, अर्बन एस्टेट थाना