महम। ब्रह्माकुमारी सेंटर में संत समागम का आयोजन किया गया। सेंटर इंचार्ज बीके चेतना ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आचार्य स्वामी परमानंद चित्रकूट सतना डबल आचार्य संस्कृत व्याकरण वेदांत ज्योतिष मर्मज्ञ मोटिवेशनल आध्यात्मिक रहे। उन्होंने बड़े भौतिक तरीके से परमात्मा का अनुभव कराया। आचार्य ने कहा कि कथनी और करनी समान होनी चाहिए, अपना शीशा साफ करो तो चमत्कार होगा। इससे अपने चरित्र से ही विचित्र दिखाई देगा। अर्थात हमारे कर्मों से ही परमात्मा दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि नारी को नरक का द्वार कहना गलत है अगर नारी बच्चों को जन्म न देती तो यह सुंदर रचना नहीं रची जाती। नारी को ऊपर उठाने के लिए आज 60000 ब्रह्मकुमारी पूरे देश विदेश में परमात्मा का कार्य कर रही हैं। मुख्य अतिथि कपिल पुरी महाराज गोकरण धाम रोहतक ने केंद्र की बहनों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में महंत सतीश दास सतगुरु आश्रम सैमाण, बीके रक्षा दीदी डायरेक्टर ब्रह्मकुमारीज रोहतक, विशिष्ट अतिथि मुकुंद एसडीएम महम और अध्यक्षता डॉ. ओपी चिटकारा ने की।