संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पीजीआई में सोमवार को 10 साल से किडनी का इंतजार कर रहे रोहतक निवासी को करीब नौ घंटे तक चले किडनी प्रत्यारोपण के बाद नया जीवन मिला है। फिलहाल, मरीज को मॉड्यूलर आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां एक हफ्ते तक भर्ती रखकर मरीज की देखभाल की जाएगी।
सोनीपत निवासी जेल वार्डन कुलदीप के अंगदान के कारण ही इनको जीवनदान मिल पाया है। साेमवार तड़के चार बजे से चिकित्सक किडनी प्रत्यारोपण की कवायद में जुटे रहे। पहले सारे अंग निकालकर अन्य स्थानों पर भेजे गए। फिर पीजीआई में ही प्रत्यारोपण के लिए किडनी निकाली गई थी।
किडनी प्रत्यारोपण के लिए मरीज को तैयार किया। इससे पहले फिटनेस जांचने के लिए मरीज के दो-दो बार सारी जांच की गई। सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। फिर नौ घंटे तक डॉक्टरों की टीम मरीज को नया जीवन देने में जुटी रही।
शाम आठ बजे तक ऑपरेशन चला। इस दौरान डॉक्टरों ने भोजन तक नहीं किया। बीच में खाने-पीने के लिए भी पांच मिनट बारी अनुसार निकाली।
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इन चिकित्सकों ने किया ऑपरेशन
सर्जन डॉ. विवेक ठाकुर, डॉ. गौरव पांडे, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अंकुर गोयल व ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर रोहित तंवर के सहयोग से ऑपरेशन सफल हुआ।
पांच लोगों को जीवनदान दे गए सोनीपत निवासी जेल वार्डन कुलदीप
सोनीपत के ताजपुर तिहाड़ा खुर्द निवासी और सुनारिया जेल के वार्डन कुलदीप दहिया जाते-जाते अंतिम फर्ज भी निभा गए। ब्रेन डेड मरीज ने अंगदान कर पांच लोगों को नया जीवन प्रदान किया। अरोहतक से दिल्ली एम्स व आईएलबीएस अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किडनी व लिवर सुरक्षित पहुंचाए गए।