हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी ने छोटूराम स्टेडियम में रविवार को आयोजित हल्ला बोल रैली में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
प्रदेश
भर से आए विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारियों ने सरकार को एक माह का
अल्टीमेटम दिया है। बीस जनवरी तक सरकार ने कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी
तो 21 जनवरी से तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। कर्मचारियों ने
साफ कहा कि अब सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि
अगर सरकार ने हड़ताल को कुचलने के लिए कोई दमनात्मक कार्यवाही की तो वे
हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा देंगे।
कांग्रेस को चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा : फौगाट
रविवार
को हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर प्रदेश भर से विभिन्न
विभागों के हजारों कर्मचारी छोटूराम स्टेडियम में आयोजित हल्ला बोल रैली
में पहुंचे। तालमेल कमेटी के सदस्य धर्मबीर फौगाट ने कहा कि अगर
कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो सरकार को आगामी चुनावों
में कर्मचारियों की कड़ी नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि
विभागों में निजीकरण, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग, पीपीपी की नीतियां लागू
करके उन्हें बर्बाद किया जा रहा है। तालमेल कमेटी के सदस्य अमर सिंह यादव व
सुभाष लांबा ने कहा कि कर्मचारियों ने 13-14 नवंबर की प्रदेशव्यापी
सांकेतिक सफल हड़ताल करके अपना आक्रोश प्रकट किया था, लेकिन सरकार ने
तालमेल कमेटी द्वारा दिए 36 दिनों के अल्टीमेटम पर कोई कार्रवाई नहीं की।
अब तालमेल कमेटी टकराव और बातचीत दोनों के लिए तैयार हैं।
ये कर्मचारी नेता रहे मौजूद
रैली
को संबोधित करने वालों में हरियाणा शिक्षा निदेशालय पंचकूला के प्रधान
ओमप्रकाश खरब, पंचकूला-चंडीगढ़ निदेशालय कर्मचारी तालमेल कमेटी के महासचिव
राजीव जोली, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के प्रांतीय प्रधान दयानंद
दलाल, हेल्थ यूनिवर्सिटी रोहतक के प्रधान तारीफ सिंह नांदल, सरबत पूनिया,
रमेश शर्मा, दलबीर नेहरा, वीरेंद्र डंगवाल, राज सिंह आंतिल, वजीर सिंह, फूल
कुमार पेखाड़, देवेंद्र हुड्डा, कंवर सिंह यादव, बाल कुमार, जीवन सिंह,
मान सिंह, नरेश गोयल, सतीश सेठी, बलराज देसवाल, सबिता, राजकुमार, सुशीला
डांडा, सुरेंद्र राणा, राजेंद्र खोखर, सुरेखा और रामफल दहिया शामिल रहे।
ठंड पर भारी पड़ी कर्मचारी एकता
हल्ला
बोल रैली में कड़ाके की ठंड के बावजूद सवेरे से ही कर्मचारी जुलूस की शक्ल
में नारे लगाते हुए आना शुरू हो गए और यह सिलसिला रैली समाप्ति तक जारी
रहा।
कर्मचारियों की ये हैं मांगें
सरकारी विभागों में
खाली पड़े पदों को नियमित करके पदोन्नति और स्थायी भर्ती से भरने, आरक्षित
श्रेणियों के बैकलॉग को भरने, दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सभी प्रकार के
कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, कच्चे कर्मचारियों को जिस पद पर वे
कार्य कर रहे हैं उस पद पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के समान वेतन देने,
दो हजार रुपये दी गई अंतिम राहत सभी ए व बी श्रेणी के कर्मचारियों को भी
देने, राज्य के सभी कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा देने की
कर्मचारियों ने मांग रखी। हरियाणा के कर्मचारियों के लिए पंजाब की तर्ज पर
अलग से वेतनमान का गठन करना, राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतन,
ग्रेड-पे व भत्ते देना, श्रम कानूनों की कड़ाई से पालना करना, हरियाणा
रोडवेज के 3519 निजी रूट परमिटों को रद्द करके विभाग में निजीकरण,
आउटसोर्सिंग और पीपीपी नीतियों को खत्म करने की सरकार से मांग की गई।
कर्मचारियों ने 15 हजार रुपये न्यूतनम वेतनमान देने, आशा, मिड-डे मील, मैस
वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम वेतनमान देने, हरियाणा के
लिपिक, पुलिस, वन, राजस्व विभाग के कर्मचारियों को उनकी मांगों अनुसार
पंजाब के समान वेतनमान देने और पैक्स कर्मचारियों को नियमित वेतनमान देने
की भी मांग की गई।