रोहतक। पीजीआई में 12 दिन से उपचाराधीन दुष्कर्म पीड़िता हिसार की एक नाबालिग ने बच्ची को जन्म दिया है। नाबालिग के परिजनों ने नवजात बच्ची को अपनाने और साथ ले जाने से इन्कार कर दिया। परिवार बच्ची को पीजीआई में ही छोड़कर चला गया। संस्थान की सूचना पर सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) ने बच्ची को संरक्षण में ले लिया है। इसे एडॉप्शन सेंटर में भर्ती कराया गया है। यहीं अब नवजात की बच्ची की देखभाल की जाएगी।
पीजीआई में 12 दिन पहले भर्ती नाबालिग ने 16 अक्तूबर को एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद परिजन नवजात को पीजीआई में ही छोड़कर नाबालिग लड़की को लेकर चले गए। संस्थान प्रबंधन से सूचना मिलने के बाद सीडब्ल्यूसी की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बच्ची का स्वास्थ्य व अन्य जानकारी जुटाने के बाद उसे देखभाल के लिए एडॉप्शन सेंटर में भेज दिया।
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश शर्मा ने बताया कि बच्ची के परिजनों को 60 दिन का समय दिया है। इस बीच परिवार बच्ची को अपना लेता है तो उन्हें सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिवार का बच्ची पर किसी तरह का अधिकार नहीं रहेगा। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट सतीश शर्मा, सदस्य उषा चावला व विकास अत्री की देखरेख में बच्ची को चौधरी लखीराम आर्य एडॉप्शन सेंटर में सौंपने की कार्रवाई पूरी की गई।