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Rohtak News: तीन साल के बेटे के लिए फिर साथ आए पति-पत्नी, कोर्ट परिसर में बांटी मिठाई

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। जिला कोर्ट परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में दो साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहे पति-पत्नी अपने तीन साल के बेटे के लिए फिर साथ आ गए। हरियाणा पुलिस में सिपाही पति अजय ने केवल तलाक की अर्जी वापस ले ली बल्कि पत्नी अनु के साथ दोबारा वैवाहिक जीवन शुरू करने का निर्णय लिया।
दोनों के इस फैसले की खुशी में कोर्ट परिसर में मिठाई भी बांटी गई। यह देखकर खुशी से जज, वकील व मौजूद अन्य लोगों ने तालियां बजाकर दंपती का स्वागत किया।
शहर के नजदीकी गांव कन्हेली के युवक अजय की शादी 2020 में सांपला खंड के एक गांव इस्माईला की अनु से हुई थी। 2022 में बेटे का जन्म हुआ लेकिन वैवाहिक मतभेदों के चलते दोनों अप्रैल 2024 से अलग-अलग रहने लगे। बेटा अपनी मां के पास ही था।
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मई 2025 में अजय ने पत्नी से तलाक और बेटे की कस्टडी की अर्जी दे दी। दोनों याचिकाएं फैमिली कोर्ट की अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश आर्या शर्मा की अदालत में लंबित थी। अदालत ने दोनों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया। तीन-चार सुनवाई के दौरान दंपती की काउंसिलिंग की गई। अदालत को काउंसिलिंग के दौरान वैवाहिक कलह व मतभेद दूर होने की संभावनाएं लगीं। इसी के चलते मामले को शनिवार को लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में रखा गया।

पति व पत्नी ने एक-दूसरे से सर्वश्रेष्ठ योगदान का दिया वादा
राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनवाई के दौरान सकारात्मक बातचीत के बाद अजय व अनु के बीच सहमति बनी। अजय ने अपनी तलाक की याचिका और बच्चे की कस्टडी (अभिरक्षा) के लिए दायर अर्जी वापस लेने पर सहमति व्यक्त की। दोनों ने आपसी सहमति से फिर से वैवाहिक जीवन को शुरू करने का निर्णय लिया। कोर्ट परिसर में ही उन्होंने एक-दूसरे से यह वादा भी किया कि वे तीन साल के बेटे के भविष्य के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। इसके बाद दोनों ने लोक अदालत की फैमिली कोर्ट बेंच के सामने मौजूद कोर्ट कर्मचारियों, वकीलों और मुकदमों से जुड़े लोगों को मिठाइयां बांटीं।
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लोक अदालत में निपटाए गए 27,511 केस, 6.04 करोड़ की राशि का हुआ निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में सात बेंच गठित की गईं थीं। इसमें छह बेंच रोहतक तो एक बेंच महम अदालत में कार्यरत रही। एडीजे आर्य शर्मा व डॉ. भूपेंद्र कुमार की दो बेंच के अलावा चार मजिस्ट्रेट ने 29,828 मामलों की सुनवाई की। इनमें से 27,511 मामलों का निपटारा किया गया। साथ ही 6 करोड़ 4 लाख 57 हजार 850 की राशि का निपटान हुआ।
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यूं हुआ केसों का निपटारा
श्रेणी केस आए निपटारा राशि
बैंक रिकवरी 285 69 13,32,000
सिविल केस 11 11 15,00
अन्य 17,933 17,933 2,96,00,750
रिवेन्यू केस 5,826 5,826 ......
कुल 24,055 23,839 6,04,13,700
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