माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। डाक विभाग के मुख्य डाकघर में ग्राहकाें के 63.68 लाख रुपये की हेराफेरी करने का मामला पुष्ट हो गया है। विभाग ने इस मामले में आर्यनगर थाने में डाक सहायक मुकुल गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें धोखाधड़ी की राशि को वैध बनाने के लिए साजिशकर्ता डाक कर्मियों समेत नौ लोगों के खाते में रुपये जमा करने की बात भी कही गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
अमर उजाला ने 18 दिसंबर को यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके चलते यह कार्रवाई की गई है। डाक अधीक्षक दिनेश ने थाने में दी शिकायत में कहा है कि डाक विभाग के निष्क्रिय खातों को अवैध रूप से चालू कर अनधिकृत रूप से आईडी के माध्यम से सरकारी धन का गबन किया गया है।
इस संबंध में आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। रोहतक प्रधान डाकघर में अनियमित वित्तीय लेनदेन की विभागीय जांच में यह धोखाधड़ी स्पष्ट हो गई है। डाक सहायक मुकुल गुप्ता ने खाताधारकों की सहमति के बिना, निर्धारित केवाईसी व सत्यापन प्रक्रियाओं का पालन किए बगैर निष्क्रिय व अप्रचलित बचत बैंक खातों को अवैध रूप से चालू किया। इनके जरिए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की।
इस पैसे को कुछ अन्य सह-अपराधियों व साजिशकर्ताओं को हस्तांतरित कर दिया। आरोपी ने कई खातों की आईडी को उनके संबंधित मूल डाकघरों से रोहतक प्रधान डाकघर में अनधिकृत रूप से बदलकर कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (फिनेकल) सिस्टम में भी हेरफेर किया।
यह कार्य जानबूझकर पहचान छिपाने व सिस्टम नियंत्रणों को दरकिनार करने के लिए अन्य कर्मचारियों के फिनेकल यूजर आईडी व पासवर्ड का उपयोग करके किए गए थे। खातों में हेरफेर के बाद, आरोपी मुकुल गुप्ता ने सरकारी व ग्राहक निधि निकाली और बड़ी रकम डाक कर्मचारियों व अन्य साजिशकर्ताओं के व्यक्तिगत खातों में स्थानांतरित कर दी।
इसमें पोस्टल असिस्टेंट गौरव, पोस्टल असिस्टेंट कपिल शर्मा, विशाल नगर निवासी आनंद सिंह भगवतीपुर निवासी मनीष, शर्मिला, चमनपुरा निवासी राम सिंह, गोहाना के चिड़ाना निवासी हरिओम, मनीषा, खरखौदा निवासी संदीप शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि हेराफेरी की कुल रकम 63,68,791 रुपये है।
वर्जन
डाकघर में खातों के जरिए लाखों की हेराफेरी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस मामले में आरोपी डाक सहायक मुकुल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
- बिजेंद्र, प्रभारी, आर्य नगर थाना