संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सुपवा में विश्वविद्यालय का अपना चार दिवसीय महोत्सव सारंग भी आयोजित किया जाएगा। सारंग महोत्सव का मंच एफटीवी डिपार्टमेंट के कोर्टयार्ड में सजेगा। बुधवार को पोस्टर भारंगम के साथ लॉन्च किया गया।
कुलपति डॉ. अमित आर्य ने बताया कि जहां भारंगम विशुद्ध रूप से नाट्य प्रस्तुतियों को समर्पित है, वहीं सारंग विविध कला रूपों का उत्सव है। इसमें कथक, ओडिसी, छऊ, सत्त्रिया, भांगड़ा, लोक रंगमंच, कव्वाली, गजल, छात्र बैंड और समकालीन संगीत की प्रस्तुतियां होंगी।
डॉ आर्य ने कहा कि ‘सारंग’ के मंच पर कथक, ओडिसी, छऊ, सत्त्रिया, भंगड़ा भी नजर आएगा। लोक और पारंपरिक प्रदर्शन जैसे पेन नदाई कूथु तमिल लोक रंगमंच और असमिया लोक कला भी प्रसिद्ध टीमों की ओर से प्रदर्शित की जाएगी।
संगीतमय और काव्यात्मक कथाएं, कव्वाली और गजल, छात्र बैंड प्रदर्शन और समकालीन लाइव संगीत कार्यक्रम भी सारंग के मंच पर नजर आएंगे। डॉ. आर्य ने कहा कि निर्देशकों की बैठकें, मास्टर क्लासेस, विशेषज्ञ वार्ता और प्रख्यात रंगमंच और प्रदर्शन कला हस्तियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन भी इसी मंच का हिस्सा होंगे।
प्रदेश के 20 थिएटर क्लब होंगे सम्मानित
सारंग महोत्सव के अवसर पर प्रदेश के 20 सक्रिय रंगमंच और थिएटर क्लबों को सम्मानित किया जाएगा। ये वे संगठन हैं जो अपने-अपने जिलों में रंगमंच को जीवित रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन क्लबों के संचालकों से संपर्क किया जा चुका है और चार दिन में अलग-अलग दिन उन्हें आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा।