रोहतक। प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान हत्याकांड को पूर्व योजना के तहत अंजाम दिया गया। वर्ष 2018 में सत्यवान के हाथों मारे गए धर्मेंद्र के भांजे प्रदीप ने हत्या की योजना बनाई थी। हत्या के बाद शव खुर्द-बुर्द करने के लिए नहर में फेंक दिया। यही नहीं वारदात को अंजाम देने में किसी तरह चूक न हो, इसके लिए आरोपियों ने सत्यवान की कार में उसके घर के बाहर ही जीपीएस सिस्टम लगाया था।
हत्याकांड की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी प्रदीप ने खुद प्रॉपर्टी डीलर का पीछा करने में आसानी के लिए जीपीएस लगाया था। यह सारी घटना एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वारदात से एक दिन पहले ही जीपीएस लगाया गया।
अगले दिन लोकेशन का पीछा करते हुए आरोपी खरावड़ गांव के पास सुनसान जगह पहुंचे। यहीं प्रदीप ने अपने साथियों संग मिलकर सत्यवान की गोलियां मारकर हत्या कर दी।
पुलिस इस मामले में दो आरोपियों काे गिरफ्तार कर चुकी है। इनकी निशानदेही पर 24 फरवरी को सत्यवान का शव नहर से बरामद किया जा चुका है। पुलिस प्रदीप की तलाश में जुटी हुई है। इसके लिए बुधवार को कुछ संदिग्ध ठिकानों पर छापा भी मारा।
7 साल से हत्या का बदला लेना चाहता था प्रदीप
प्रदीप अपने मामा धर्मेंद्र की हत्या का बदला लेना चाहता था। इसलिए वह पिछले सात साल से सत्यवान को मारने का मौका ढूंढ रहा था। उसने अपने साथी भिवानी के बापोड़ा निवासी मंजीत व भाली निवासी मनीष के साथ हत्या की योजना बनाई। इस काम में 20 फरवरी की रात 1:56 बजे सत्यवान की कार में लगाया गया जीपीएस अहम रहा।
वर्जन
पुलिस सत्यवान हत्याकांड की जांच कर रही है। इस मामले में दो आरोपी रिमांड पर हैं। इनसे पूछताछ जारी है। मुख्य आरोपी प्रदीप को भी जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-प्रतीक अग्रवाल, एएसपी।