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लंदन से लौटे वांछित अपराधी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

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रोहतक। कोरोना काल में जुलाई माह में लंदन से लौटे वांछित अपराधी को राज्य चौकसी ब्यूरो ने दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा था। जिसे रोहतक में क्वारंटीन कर कोविड टेस्ट करवाने के लिए सामान्य अस्पताल ले जाया गया था। जहां आरोपी ने अपनी ओपीडी स्लिप पर एक पॉजिटिव व्यक्ति की रिपोर्ट चस्पा कर ली। और पुलिस की कार्रवाई से बच गया था। दोबारा जांच कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आई। पूरे मामले में जांच करने पर कोविड रिपोर्ट फर्जी पाई गई। इस मामले में आरोपी के खिलाफ अर्बन स्टेट थाने में धारा 420, 465, 466, 468, 471 व 66 आईटीएक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
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राज्य चौकसी ब्यूरो के निरीक्षक राकेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि एक मामले में वांछित आरोपी जोगिंद्र सिंह दलाल का लुक आउट नोटिस जारी कराया गया था। जिसके आधार पर एफआरओ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली पर आरोपी जोगिंद्र के लंदन से भारत लौटने पर 9 जुलाई को सूचित किया गया। 10 जुलाई को डीसी के आदेश पर गौड़ ब्राहमण आयुर्वेदिक कॉलेज में क्वारंटीन कराया था। 13 जुलाई को आरोपी का कोरोना टेस्ट कराया गया, जहां आरोपी ने अपना ओपीडी कार्ड बनवाया। आरोपी ने अपना टेस्ट 13 जुलाई को नहीं कराया। 14 जुलाई को जोगिंद्र का कोविड-19 टेस्ट करवाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई, लेकिन उसने टेस्ट करवाने से मना कर दिया। इसी दिन ही डॉ. अनिल भारद्वाज, नोडल अधिकारी गौड ब्राहमण आयुर्वेदिक महाविद्यालय, ब्राहमण वास को अपनी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट दिखाई, जो ओपीडी कार्ड के ऊपर अंकित थी, जिसमें जोगिंद्र की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। जिसकी फोटो खींचकर नोडल अधिकारी ने निरीक्षक राकेश व निरीक्षक प्रशांत को व्हाटसअप किया। जांच में पाया गया कि ओपीडी कार्ड जोगिंद्र सिंह दलाल के नाम से जारी हुआ है, लेकिन उसी ओपीडी कार्ड पर लिखित कोरोना रिपोर्ट से संबंधित सैंपल ओपीडी 62652 और वीडीआरएल लैब पीजीआईएमएस रोहतक की एसआरएफ आईडी 10777 शिवाजी कॉलोनी के एक 40 वर्षीय व्यक्ति के पाये गये। आरोपी जोगिंद्र ने उक्त व्यक्ति के ओपीडी कार्ड पर अपने नाम से जारी हुई ओपीडी नंबर स्लिप को चिपका कर कोरोना रिपोर्ट को पॉजिटिव फर्जी रिपोर्ट तैयार करके नोडल अधिकारी को दिखाई गई। उपरोक्त आरोपी का कोविड 19 टेस्ट के लिए सैंपल 16 जुलाई को लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट 17 जुलाई को नेगिटिव आई थी। आरोपी जोगिंद्र ने अभियोग के अनुसंधान के दौरान अपने आपको फायदा पहुंचाने व गिरफ्तारी से बचने के लिए उक्त व्यक्ति की रिपोर्ट पर अपनी ओपीडी कार्ड नंबर स्लिप चस्पा की। जो जांच में फर्जी मिली है।
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