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मांगें पूरी करवाने को गरजीं आशा वर्कर्स

Fri, 29 Nov 2013 05:47 AM IST
Rohtak
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रोहतक। भेदभाव और अनदेखी के खिलाफ वीरवार को आशा वर्कर्स यूनियन ने शहर में राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मामूली झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकारी रिकार्ड पर आशा कार्यकर्ताओं को अवैतनिक या स्वयंसेवी के स्थान पर एक वर्कर का दर्जा दिया जाए और भिन्न-भिन्न कार्यों के लिए नाममात्र की प्रोत्साहन राशि की जगह उन्हें एक सुनिश्चित रकम के रूप में मासिक न्यूनतम वेतन दिया जाए।
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आशा वर्कर्स यूनियन की सदस्य वीरवार को छोटूराम पार्क में एकत्रित हुई। यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष राजबाला यादव ने कहा कि यूनियन मांगों को लेकर कई बार विभाग के आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुकी है, परंतु उनकी मांगों की तरफ अभी तक ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने न्यूनतम वेतन लागू नहीं किया गया तो यूनियन 10 दिसंबर को पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाएगी। उन्होंने कहा कि गांवों में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की मूलभूत जिम्मेदारियों को आशा कार्यकर्ता निभाती हैं। आशा वर्करों को सरकार से काफी उम्मीद थी कि गोहाना रैली में उनकी मांगों को लेकर घोषणा होगी, परंतु मुख्यमंत्री ने आशा वर्करों का जिक्र तक नहीं किया। आज प्रदेश में आशा वर्करों के चलते जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में काफी कमी आई और नियमित टीकाकरण में वृद्धि हुई है। जून 2012 में आशा वर्करों ने रैली करके अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा था। मांगों को लेकर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि उन्हें देश में नंबर वन बना देंगे, उल्टे संस्थागत प्रसूति के लिए दी जाने वाले प्रोत्साहन राशि को भी काट दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा भी आशा वर्करों को नर्स बनाने और वेतन फिक्स करने के बयान आते रहे हैं, लेेकिन इसके बारे में घोषणा नहीं की जा रही। इसके बाद आशा कार्यकर्ता राजबाला के नेतृत्व में प्रदर्शन करती हुई लघु सचिवालय की तरफ चली। कांग्रेस भवन के बाहर
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले से ही बेरीकेट लगा रखे थे। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया। तहसीलदार ने मौके पर पहुंच प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों के साथ किसी अनहोनी से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी साथ ही चलता रहा। इस मौके पर सुषमा यादव, आशा, पुष्पा, गुड्डी, चित्रकला, सुशीला, सत्यबाला, स्नेहलता, सरोज, हरिप्रकाश, राजेंद्र सिंह, बलराम यादव, शेर सिंह, सुभाष और राजकुमार ने भी संबोधित किया।
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