रोहतक। शहर में विकास शुल्क में बेतहाशा वृद्धि के विरोध में नागरिक मंच के बैनर तले सैकड़ों नागरिकों एवं जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने विकास शुल्क को तुरंत वापिस लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद सीटीएम कोमुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विकास के नाम पर सरकार ने कॉलोनियों में कोई सुविधा नहीं दी है और नागरिकों पर बेवजह ही विकास शुल्क लादा जा रहा है।
शुक्रवार सुबह नागरिक मंच रोहतक के आह्वान पर काफी संख्या में दर्जन भर कालोनियों के नागरिक छोटूराम धर्मशाला में एकत्रित हुए। उन्होंने बैठक कर 410 रुपये प्रति गज व 120 रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क का कड़ा विरोध जताया। मंच के सह-संयोजक विनोद देशवाल ने कहा कि सरकार रोहतक शहर के विकास के नाम पर शहरवासियों को ही उजाड़ने पर उतारू है। रोहतक शहर को नगर निगम बनाकर कई शुल्क पहले ही लादे जा चुके हैं। पानी के मीटर न लगाकर उपभोक्ताओं से मनमाफिक बिल वसूले जा रहे हैं। बिजली की स्लैब प्रणाली को खत्म कर नागरिकों की जेबें खाली की जा रही हैं। रोहतक शहर की 105 कालोनियों पर लादे गए इस तुगलकी फरमानों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंच के संयोजक ओमप्रकाश सिवाच ने कहा कि शहर की सारी ट्रैफिक लाइटें खराब पड़ी हैं, जिस कारण आए दिन सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। शहर के बाजारों में शौचालयों तक का प्रबंध नहीं है। इसके बाद भी ‘विकास शुल्क’ वसूला जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान घोषणा की गई कि 30 नवंबर तक शुल्क वापिस नहीं लिया गया तो एक दिसंबर को विशाल नागरिक पंचायत कर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। प्रदर्शन को प्रीत सिंह, महा सिंह, कुलदीप जाखड़, धर्मबीर शर्मा, आत्मनंद, बलबीर सिंह, शिवचरण, जयप्रकाश बैनीवाल, मास्टर चत्तर सिंह, आजाद सिंह, हवा सिंह व राजकुमार ने भी संबोधित किया। मंच ने 24 नवंबर की जन कल्याण समिति की बैठक का समर्थन किया है।