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प्रदूषकों का प्रबंधन जरूरी : प्रो. लौरा

Sun, 27 Oct 2013 05:44 AM IST
Rohtak
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में ‘टेक्निक इन मॉनीटरिंग इनवायरमेंटल पॉल्युशन’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हो गई। कार्यशाला में पर्यावरणीय प्रदूषण का मूल्यांकन करने और इसकी रोकथाम करने के बारे में मंथन किया गया।
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पर्यावरण विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र सिंह लौरा ने कार्यशाला की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले प्रदूषकों का प्रबंधन किया जाना जरूरी है। प्रो. लौरा ने इसके लिए उचित तकनीक अपनाने की बात की। कार्यशाला के पहले दिन गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार के पर्यावरण विज्ञान एंव अभियंत्रिकी विभाग के प्रोफेसर डा. वीके गर्ग ने रेडियोधर्मिता से उपजने वाले प्रदूषण की जानकारी दी और इसकी मानीटरिंग के उपायों की चर्चा की।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रदूषण प्रबंधन की बारीकियों से रू-ब-रू कराया गया और प्रयोगशाला में व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। आयोजन सचिव प्राध्यापक डा. सुनील कुमार ने समन्वयन किया। इस कार्यशाला में 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रयोगशाला सत्र में प्राध्यापिका डा. मीनाक्षी नांदल, डा. सुनील कुमार, डा. बबीता खोसला, डा. गीता ने योगदान दिया। हाई वाल्यूम एयर सैंपलर, एटॉमिक एबजोर्पशन स्फैक्टरोफोटो मीटर, गैस क्रोमेटोग्राफी, स्ट्रैक्टरोफोटोमीटरी और इलेक्ट्रोफोरेशिस का प्रशिक्षण कार्यशाला में दिया गया। कार्यशाला में 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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