फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे लगातार बदलाव

Sun, 06 Oct 2013 05:41 AM IST
Rohtak
विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। मेडिकल कालेज के पूर्व निदेशक एवं डीएवी के उपप्रधान डॉ. सी प्रकाश ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार बदलाव आ रहे हैं। शीघ्र एवं सटीक इलाज की मांग बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन

वे शनिवार को पीजीआई में चल रही तीन दिवसीय एनुअल रोहतक मेडिकल स्टूडेंट्स कांफ्रेंस 2013 (आर्म्सकोन) के दूसरे दिन बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मरीजों के अलावा उनके परिजनों के साथ भी व्यवहार कुशल होना एक चिकित्सक के लिए अत्यंत आवश्यक है। ‘मीट दा ऑथर’ में जाने माने क्लीनिसियनस डॉ. एसएन चुघ ने अपने अनुभव बताए और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि किताब लिखना और पढ़ाना दो अलग-अलग बाते हैं।
उन्होंने क्लीनिकल डायगनसोसिज तथा लैब बेस्ड डायग्नोसिस पर अपने विचार रखे। उन्होंने क्लीनिकल रूप से बीमारी के निदान पर बल देते हुए कहा कि किसी भी बीमारी को केवल जांचों के आधार पर नहीं परखना चाहिए बल्कि क्लीनिकल डायग्नोसिस को ध्यान में रखते हुए ही मरीज के टेस्ट करवाने चाहिए। इसके अलावा डॉ. हर्षमोहन, डॉ. डीआर अरोड़ा ने भी पैथोलोजी व माइक्रोबॉयोलोजी पर लिखी अपनी किताबों के बारे में चर्चा की। इसके साथ भविष्य में ई-लर्निंग की महत्ता के बारे में बताया। कांफ्रेस में डॉ. एके खुराना, डॉ. इंदु खुराना, डॉ. संजय मरवाह, डॉ. ध्रूव चौधरी, शहीद हसन खान मेडिकल कालेज मेवात, महाराजा अग्रसेन मेडिकल कालेज अग्रोहा, बीपीएस महिला मेडिकल कालेज खानपुर, एसजीटी बुधेड़ा और गोल्ड फील्ड कालेज फरीदाबाद के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें