रोहतक। नियमित करने की मांग को लेकर गेस्ट टीचरों ने बुधवार को शहर में जोरदार प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय पहुंच मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार अतिथि अध्यापकों को गुमराह कर रही है। गेस्ट टीचर पिछले सात व आठ साल से नौकरी करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक नियमित नहीं किए गए है। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 27 अक्तूबर को रैली आयोजित जाएगी।
सेक्टर-छह स्थित ग्राउंड में गेस्ट टीचरों के जारी महापड़ाव में बुधवार को काफी संख्या गेस्ट एकत्रित हुए। गेस्ट टीचरों को संबोधित करते हुए अनुबंधित अध्यापक संघ प्रदेशाध्यक्ष अरुण मलिक ने सरकार को चेताया कि अब आर-पार की लड़ाई-लड़ने का वक्त आ गया है। वे रोजगार बचाने के लिए किसी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अनेक बार उन्हें आश्वासन दिया कि अतिथि अध्यापक रूपी पौधे मैंने लगाया हैं, मैं इसे सूखने नहीं दूंगा। लेकिन अभी तक उन्हें नियमित करने की कोई नीति नहीं बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 15006 अतिथि अध्यापक कार्यरत हैं। इसके बाद गेस्ट टीचर हाथों में मॉशाल के लेकर लघु सचिवालय के लिए रवाना हुए। प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस कर्मी भी चल रहे। प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय पहुंचे मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।