रोहतक। हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन का रोहतक की छोटूराम धर्मशाला में राज्यस्तरीय हुआ। सम्मेलन में विभिन्न विभागों, बोर्डों, कारपोरेशन, विश्व विद्यालयों के सैकड़ों लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन की अध्यक्षता एसोसिएशन के संयोजक महेंद्र प्रताप गुलिया ने की।
सम्मेलन में गुलिया ने कहा कि प्रदेश सरकार लिपिक वर्गीय कर्मचारियों से गुलामों की तरह काम करवाती है और वेतन के नाम कुछ नहीं देती। प्रदेश सरकार की रीढ कहा जाने वाला लिपिक वर्ग छह महीनों से पंजाब की तर्ज पर वेतनमान पाने के लिए वित्तमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठा हैं। हरियाणा और पंजाब के सेवा नियम तो एक समान है लेकिन वेतनमान में अंतर है। पंजाब सरकार ने अपने लिपिकवर्ग कर्मचारियों को दिसंबर 2011 से पे बैंड-दो में शामिल कर लिया था। वहीं, हरियाणा में पे बैंड-एक में रखा हुआ है। इस कारण हरियाणा के कर्मचारियों को पंजाब के कर्मचारियों से 13500 रुपये कम मिल रहे है। इससे लिपिक वर्गीय कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ रोष है।
हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि 14 जून से 24 जुलाई तक प्रदेश के हर जिले में कन्वेशनों का आयोजन किया जाएगा। आंदोलन को तेज कर 7 अगस्त को सभी कर्मचारी जिला स्तरीय हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर को पूरे प्रदेश के मिनिस्ट्रियल स्टाफ कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर आरपार की लड़ाई की घोषणा करेंगे। सम्मेलन को सतबीर शर्मा, सतीश सेठी, सुखदेव सिंह, रतन कुमार, संदीप सांगवान, मानसिंह ने भी संबोधित किया।