शासन ने दिए तत्काल प्रभाव से चार्ज छोड़ने के आदेश
-बसों की ब्रेक नहीं लगने व दवाएं नहीं होने का मामला पहुंचा था शासन तक
इंपैक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बसों की हार्डलाइनिंग खराब होने से दो बसों के ब्रेक नहीं लगने और बसों के फर्स्ट एड बॉक्सों में दवाएं नहीं होने के मामले में रोहतक वर्कशॉप मैनेजर गुलाब सिंह पर गाज गिर गई है। शासन ने उन्हें जींद स्थानांतरित करके तत्काल पहुंचने के आदेश दिए हैं। शासन के आदेश के चलते बुधवार की दोपहर उन्होंने पदभार छोड़ दिया।
14 जून को रामनगर के लिए जा रही बस की दिल्ली के पास बस फेल हो गई थी, जिसके चलते बस डिवाइडर पर चढ़ गई थी। 15 जून की सुबह आगरा जा रही बस की हार्डलाइनिंग में खराबी आने से ब्रेक नहीं लगे जिसमें चालक-परिचालक समेत पांच लोग घायल हो गए थे। मामले की गंभीरता को देख महाप्रबंधक राहुल जैन ने जांच के आदेश दिए। पिछले दिनों अमर उजाला की टीम ने रोहतक डिपो की बसों की पड़ताल की। जिसमें पता चला कि अधिकांश बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं हैं। जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स लगे मिले, उनमें दवाओं की जगह सीट साफ करने का कपड़ा, प्याज, चाकू आदि सामान रखा मिला। इस मामले में महाप्रबंधक का कहना था कि इसके लिए वर्कशॉप मैनेजर जिम्मेदार हैं क्योंकि बस की सारी व्यवस्थाएं देखना उन्हीं की जिम्मेदारी है। जब यह मामला मुख्यमंत्री के पास पहुंचा तो उन्होंने गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए। बताते हैं कि सोमवार की शाम को जींद के लिए स्थानांतरण आदेश आया। निर्देश दिए गए कि वर्कशॉप मैनेजर तत्काल चार्ज छोड़कर जींद पहुंचे। जिसके चलते गुलाब सिंह ने बुधवार को जींद जाने के लिए चार्ज छोड़ दिया। महाप्रबंधक राहुल जैन ने वर्कशॉप मैनेजर की जींद के लिए तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण होने की पुष्टि की है।