शहर के 30 वॉशिंग स्टेशन पर हर रोज हो रही 30 हजार लीटर पानी की बर्बादी
झज्जर। शहर में करीब 30 वॉशिंग स्टेशन स्टेशन चलाए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश ने ना तो बोरिंग की अनुमति ली है और ना ही अधिकांश के पास कामर्शियल कनेक्शन है। हर वॉशिंग स्टेशन पर औसतन 10 गाड़ियां धुलने के लिए आती हैं। यहां करीब 30 हजार लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है। वॉशिंग स्टेशन चलाने के लिए बिजली निगम से कामर्शियल कनेक्शन लेना जरूरी है लेकिन अधिकांश के द्वारा घरेलू कनेक्शन से ही वॉशिंग स्टेशन चलाए जा रहे हैं।
प्रति व्यक्ति मिल रहा है 135 लीटर पानी
जनस्वास्थ्य विभाग के द्वारा शहर में प्रति व्यक्ति केवल 135 लीटर पानी की सप्लाई ही दी जा रही है। नहर विभाग की तरफ से नहरी पानी का शेड्यूल 24 दिन का होने के बाद पानी की कटौती चल रही है। शहरी में तो राशनिंग के सहारे इस बार 19 मई को नहर में पानी आने तक काम चलाया गया था। शहर के 35 में से करीब 13 वॉशिंग स्टेशन पर 15 हजार लीटर पानी विभाग का व्यर्थ बहाया जा रहा है।
कार धोने में होता है 160 लीटर पानी बर्बाद
वॉशिंग सेंटरों पर कार्यरत कर्मियों के अनुसार एक कार की धुलाई में करीब 160 लीटर पानी खर्च होता है। दिन में हर वॉशिंग सेंटर पर औसतन 10 कारें साफ होने के लिए आती हैं। वहीं बाइक व स्कूटी पर करीब 30 से 40 लीटर पानी खर्च होता है। 60 हजार की आबादी वाले झज्जर शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता करीब लीटर की है।
वॉशिंग सेंटर पर बोरवैल के लिए कॅमर्शियल बिजली कनेक्शन की आवश्यकता होती है। वॉशिंग सेंटर पर बिजली कनेक्शन घरेलू वाला लिया गया है, उनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। एसके चावला, एसई, यूएचबीवीएनएल
पानी की बर्बादी को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। आरपी वशिष्ठ, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ विभाग