राज्य परिवहन महानिदेशक के आदेश पर आई टीम के निरीक्षण से हड़कंप
-चेक किया, कहीं कंडेक्टर तो नहीं संभाल रहा लिपिक का कार्य
-बस स्टैंड परिसर व शौचालयों की साफ-सफाई देखी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
राज्य परिवहन निगम के महानिदेशक एमएल धमीजा के आदेश पर आई सात सदस्यीय टीम ने गुरुवार को रोहतक बस स्टैंड का गहन निरीक्षण किया। लिपिक पदों पर तैनात कर्मियों से पूछताछ करके ब्यौरा एकत्रित किया। सर्विस बुक से मिलान किया गया कि कहीं कंडेक्टर तो लिपिक का काम नहीं निपटा रहे। चंडीगढ़ मुख्यालय से अचानक टीम के आने से रोडवेज के अधिकारियों में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा।
बताते हैं कि शासन को सूचना मिली थी कि वर्ष 2012 में कंडेक्टर के पद पर जिन कर्मियों में नियुक्ति हुई थी, वह अधिकारियों की सांठगांठ से कार्यालयों में बैठकर लिपिक का काम निपटा रहे हैं। इस वजह से कंडेक्टरों की संख्या कम होने से बसों का संचालन सुचारु नहीं हो पा रहा है। इस सूचना पर जब शासन ने चंडीगढ़ मुख्यालय में कंडेक्टरों और बसों की संख्या का मिलान कराया तो पुष्टि हुई कि प्रदेश में जितने कंडेक्टर वर्तमान में तैनात है, उससे कम ही बसें हैं। अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से कंडेक्टर कार्यालयों में बैठकर लिपिक का काम लंबे समय से निपटा रहे हैं। इससे न सिर्फ विभाग की आमदनी प्रभावित हो रही है बल्कि बसों का सुचारु संचालन नहीं होने से आम जनता को भी परेशानी हो रही है। इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए परिवहन निगम के महानिदेशक एमएल धमीजा ने सात-सात सदस्यीय कई टीमें गठित की और आदेश दिए कि प्रत्येक जिले की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट दी जाए, ताकि लिपिक का काम निपटाने वाले कंडेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। महानिदेशक के आदेश पर गुरुवार को अचानक चंडीगढ़ से टीम रोडवेज बस स्टैंड पर आ धमकी। टीम ने सबसे पहले बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। इसके बाद बसों में ड्यूटी कर रहे चालक-परिचालकों की ड्रेस चेक की। जब तक टीम कार्यालय पहुंचती तब तक वहां हड़कंप मच गया। टीम ने सीधे कार्यालय पहुंचकर वहां तैनात लिपिकों से पूछताछ करते हुए अपने साथ लाई सूची से मिलान किया। बताते हैं कि रोहतक बस स्टैंड कार्यालय में ऐसा कोई कर्मी नहीं मिला, जो कंडेक्टर होते हुए लिपिक का काम कर रहा हो।
रोडवेज के जीएम राहुल जैन ने बताया कि महानिदेशक के आदेश पर सात सदस्यीय टीम चंडीगढ़ से निरीक्षण करने आई। टीम ने क्या काम किया और क्या खामियां मिली, यह तो नहीं बताया मगर इतना स्पष्ट हुआ कि ऐसा कोई लिपिक नहीं मिला, जो कंडेक्टर के पद पर तैनात है। इसी मंशा से महानिदेशक पूरे प्रदेश में चेकिंग करवा रहे हैं।