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टमाटर खरीद न होने पर किसानों ने मंडी को लगाया ताला,डीसी ने आक्शन रिकार्डर को किया निलंबित

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भावांतर भरपाई योजना में लापरवाही, ऑक्शन रिकार्डर निलंबित
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चंडीगढ़/चरखी दादरी।
चरखी दादरी की सब्जी मंडी में भावांतर भरपाई योजना के तहत टमाटर नहीं बिकने के मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। विषय की जांच पड़ताल के बाद उपायुक्त चरखी दादरी ने ऑक्शन रिकार्डर को सस्पेंड कर दिया, जबकि मार्केट कमेटी सचिव को सस्पेंड करने के लिए आलाधिकारियों को पत्र लिख दिया है। वहीं किसानों की समस्या का भी मौके पर ही समाधान किया गया।
उल्लेखनीय है कि वीरवार सुबह चरखी दादरी की सब्जी मंडी में सुबह किसानों ने टमाटर नहीं बिकने के कारण मंडी पर ताला लगाते हुए मार्केट कमेटी अधिकारी, कर्मचारी पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विषय पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त अजय सिंह तोमर को इस संबंध में आवश्यक जांच पड़ताल के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि वीरवार को सुबह सब्जी मंडी में टमाटर खरीदने वाला एक ही व्यापारी था। गत दिवस अधिक संख्या में टमाटर आने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई थी। उपायुक्त ने पूरी वस्तुस्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया, जिसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चूंकि मंडी में तैनात ऑक्शन रिकार्डर मोहन सिंह द्वारा उचित समय पर कार्रवाई नहीं की गई, इसके लिए उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं टमाटर खरीद न होने से खफा किसानों ने वीरवार सुबह करीब साढ़े छह बजे सब्जी मंडी गेट को ताला जड़ दिया। किसानों ने रोष स्वरूप अपनी टमाटर की फसल भी मुख्य गेट पर डाल दी। तालाबंदी की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस व तहसीलदार मौके पर पहुंचे और स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद तहसीलदार नवनीत कुमार ने किसानों को सुचारू रूप से खरीद कराने का आश्वासन देकर ताला खुलवाया। इससे पहले करीब तीन घंटे तक तालाबंदी के चलते यहां हंगामे की स्थिति रही और किसान नारेबाजी कर अपना रोष जताते नजर आए।
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प्रदेश सरकार ने टमाटर की फसल को भावांतर योजना में तो शामिल कर दिया है लेकिन मंडियों में खरीद के पुख्ता इंतजाम नहीं है। किसानों का टमाटर खरीदने वाला यहां मात्र एक ही व्यापारी है और बुधवार शाम को ही उसने खरीद करने से अपने हाथ खड़े कर दिए थे। इससे खफ किसानों ने बुधवार रात को भी सड़क पर टमाटर की फसल फेंकने के बाद नारेबाजी करते हुए रोड जाम कर दिया था। हालांकि किसान कुछ देर बाद अपने आप ही सड़क से हट गए थे और इसके बाद ट्रैफिक व्यवस्था बहाल हो पाई थी। वीरवार सुबह भी हालात जस के तस रहने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और करीब साढ़े छह बजे किसानों ने मंडी के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। मामले की सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग की तो तहसीलदार नवनीत कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने उिपायुक्त से बातचीत कर किसानों को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। तहसीलदार के आश्वासन के कुछ देर बाद टमाटर खरीद शुरू हो गई। करीब साढ़े नौ बजे किसानों ने मंडी के गेट का ताला खोला।
हंगामे के बाद खरीदा गया एक हजार क्विंटल टमाटर
सब्जी मंडी में वीरवार दोपहर तक करीब 2034 क्विंटल टमाटर किसानों से खरीदा गया है। वीरवार को किसानों के हंगामे और प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद टमाटर की खरीद सुचारू रूप से मंडी में की गई। वीरवार को भी करीब 35 किसानों का एक हजार क्विंटल टमाटर खरीदा गया। सब्जी मंडी में पहुंचे कुल किसानों में से अब तक 101 किसानों को ही कंप्यूटराइज्ड जे-फार्म मिल पाए हैं।
बाक्स: भावांतर भरपाई योजना के लिए जरूरी है जे-फार्म
सरकार ने भांवातर योजना में टमाटर की फसल को शामिल कर चार रुपये प्रति किलोग्राम रेट निर्धारित किया है। अनाज मंडी में किसान को अगर चार रुपये से कम भाव टमाटर के मिलते हैं तो इसकी भरपाई सरकार करेगी। इसके लिए जिले से करीब 450 किसानों ने बागवानी विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। इन किसानों को भरपाई के लिए जे-फार्म जमा कराना अनिवार्य है। इस पर किसान का नाम, पता व मंडी में मिली फसल के भाव सहित अन्य जानकारियां होती हैं।
बाक्स: प्रदर्शन के बाद भी 20 पैसे प्रति किलोग्राम खरीदा गया टमाटर
बुधवार रात को सब्जी मंडी के गेट को ताला जड़ने वाले किसानों से वीरवार दोपहर को टमाटर खरीदा गया। 25 किलोग्राम टमाटर की एक कैरेट बोली लगाकर पांच रुपये में खरीदी गई। इस लिहाज से किसानों का मंडी में टमाटर 20 पैसे प्रति किलोग्राम से खरीदा गया। वहीं, इस बार जिले के किसान अपना टमाटर गुरुग्राम, गन्नौर, फरूखनगर सहित अन्य मंडियों की बजाय जिले में ही बेच रहे हैं।
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वर्जन::
जिला उपायुक्त ने दादरी सब्जी मंडी के ऑक्शन रिकार्डर मोहन सिंह को लापरवाही के चलते सस्पेंड किया गया है जबकि सचिव सुमनलता को सस्पेंड करने की सिफारिश उच्च स्तर पर की है। किसानों की समस्या का भी समाधान कर दिया गया है। मंडी में तैनात ऑक्शन रिकार्डर मोहन सिंह ने उचित समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सब्जी व अनाज मंडी की पूरी जिम्मेदारी मार्केट कमेटी सचिव की होती है।
सुखबीर फौगाट, सरकारी प्रवक्ता
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