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सीएम के लिए जींद से बुलाया फिजिशियन, जिले के मरीज पीजीआईएमएस भरोसे

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अमर उजाला एक्सक्लूसिव
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सीएम के लिए जींद से बुलाया फिजिशियन, मरीज पीजीआईएमएस भरोसे
जिले में चार एमडी फिजिशियन, एक ट्रेनिंग स्कूल में बतौर प्रिंसिपल तैनात, दो डेपुटेशन पर, एक विद आउट पे लीव पर
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले करीब 300 मरीजों को लौटना पड़ रहा खाली हाथ
संजय कुमार
रोहतक।
जिले में चार एमडी फिजिशियन होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग को रविवार के दिन सीएम ड्यूटी करने के लिए जींद से एमडी फिजिशियन को बुलाना पड़ा है। एक दिन के लिए जींद से आने वाले डॉक्टर सीएम ड्यूटी तो कर लेंगे, लेकिन जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले 300 के करीब मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इसमें से कई मरीज तो अकेले पीजीआईएमएस के भरोसे हैं और कुछ मरीज निजी क्लीनिकों में उपचार करवा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की पॉलिसी मरीजों के अलावा अस्पताल प्रबंधन पर भी भारी पड़ रही है। विभाग ने जिले को चार एमडी फिजिशियन दिए हैं। इसमें से एक वरिष्ठ एमडी फिजिशियन जिले के ट्रेनिंग स्कूल में बतौर प्रिंसिपल तैनात हैं। जबकि एक एमडी फिजिशियन ट्रेनिंग सेंटर में ही डेपुटेशन पर हैं। इसके अलावा एक डॉक्टर विद आउट पे लीव पर व एक अन्य डॉक्टर भी डेपुटेशन पर हैं। ऐसी स्थिति में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोई उपचार नहीं मिल पा रहा है। सूत्रों की मानें तो सीनियर फिजिशियन को छोड़ कर दो डॉक्टरों की डेपुटेशन ड्यूटी अस्पताल प्रबंधन को भारी पड़ रही है। एक फिजिशियन डॉक्टर का विद आउट पे चलना महज विभाग में संख्या को बढ़ा रहा है। इसके चलते विभाग सीट भरी मानता है और नया डॉक्टर जिले को नहीं मिल पा रहा है। वहीं विभाग की मानें तो अभी भी विभाग में कई डॉक्टर अपनी मनमर्जी की डेपुटेशन सीट पर विराजमान हैं। यदि इन्हें वापस इनके स्थान पर भेजा जाए तो मरीजों को सुविधा मिले। अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि कुछ डॉक्टर को ऐसी जगह तैनात किया गया है, जहां मरीज कम देखने होते हैं और बिल अधिक पास करने होते हैं।
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बोले अधिकारी
जिले में फिजिशियन नहीं है, इसलिए जींद से एक फिजिशियन को सीएम ड्यूटी के लिए बुलाया गया है। ट्रेनिंग सेंटर में जो फिजिशियन हैं, वह डीजी के अधिकार क्षेत्र में हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के डीजी को भी पत्र लिखा गया है। सोमवार और मंगलवार तक फिजिशियन की समस्या का समाधान हो जाएगा।
-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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