रेल हादसा फाइल नंबर-दो
चार घंटे तक रेलवे ट्रैक पर खड़ी रही ट्रेन, यात्री परेशान
- स्थानीय अधिकारियों ने आला अधिकारियों को सूचना देना तक नहंी समझा मुनासिब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
अस्थल बोहर रेलवे स्टेशन के पास कालिंदी एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। करीब चार घंटे तक ट्रेन अस्थल बोहर रेलवे स्टेशन के पास ही खड़ी रही। इस दौरान यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ यात्री रोहतक आने के बाद बसों में सवार होकर चले गए।
पटरी टूटी होने के कारण शनिवार की सुबह चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगा कालिंदी एक्सप्रेस को पहले ही रोक लिया था। ट्रेन के अचानक रुकते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया था। कई यात्रियों ने तो किसी हादसे की आशंका के चलते ट्रेन से कूदना शुरू कर दिया था। पटरी के सही करने तक करीब चार घंटे तक ट्रेन यहीं पर खड़ी रही। इस दौरान यात्री परेशान रहे।
कई यात्रियों ने आए दिन हादसों का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया। आरोप था कि आए दिन रेलवे मार्ग पर हादसे होते रहते हैं। बावजूद इसके रेलवे अधिकारी गंभीर नहीं है। इस बारे में स्थानीय अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया मगर स्थानीय अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। कई घंटे तक तो दिल्ली के अधिकारियों से भी घटना को छिपाए रखा। सीपीआरओ ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया। बाद में जानकारी करने के बाद ही वर्जन दिया।
आए दिन होते हैं हादसे
ट्रेन में सफर कर रहे यात्री मनोज, निकित, राजेश ने कहा कि आए दिन रोहतक दिल्ली रेलवे मार्ग पर हादसे होते रहते है। बावजूद इसके विभाग हादसों पर अंकुश लगाने को गंभीर नहीं है। मामलों की शिकायत रेल मंत्रालय से की जाएगी। दैनिक रेल यात्री संघ दिल्ली व रोहतक के प्रवक्ता सतपाल सिंह ने कहा कि रेल मंत्री से भी मामले की शिकायत की जाएगी।
रेलवे ट्रैक की चेकिंग में खानापूर्ति
- आए दिन रेलवे लाइन क्रेक होने से लेकर पैड्रोल क्लिप गायब होने की होती है घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से विभिन्न रेल मार्गों पर कभी भी हादसा हो सकता है। आए दिन पैड्रोल क्लिप गायब होने से लेकर पटरी टूटने के मामले सामने आते रहते हैं। मगर विभागीय अधिकारी हादसों पर अंकुश लगाने को गंभीर नहीं है। रेलवे ट्रैक की चेकिंग में लापरवाही को भी हादसे के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
प्रतिदिन कीमैन व ट्रैकमैन को रेलवे ट्रैक की चेकिंग करनी होती है। प्रतिदिन करीब चार किलोमीटर चेकिंग करने का नियम है। सूत्रों के अनुसार मगर कर्मचारी रेलवे ट्रैक की चेकिंग में लापरवाही करते हैं। यही कारण है कि रोहतक समेत विभिन्न मार्गों पर जहां रेलवे ट्रैक से पैड्रोल क्लिप गायब है। वहीं आए दिन पटरी टूटने जैसी घटनाएं भी होती रहती हैं।
अमर उजाला पटरी के बीच गैप व गायब पैड्रोल क्लिप को लेकर कई बार खबरें प्रकाशित कर आगाह भी कर चुका है। मगर विभागीय अधिकारी गंभीर नही है। सीपीआरओ रेलवे नितिन चौधरी का कहना है कि कर्मचारियों की अब अधिकारी चेकिंग करेंगे। कई बार अधिक सर्दी होने के कारण भी पटरी सिकुड़ जाती है।