24 राज्यों के 3000 बच्चों से वसूले 3000 से 7000 रुपये, वित्त मंत्री भी दे आये ब्लैंक चेक --
स्टूडेंट्स ओलंपिक नेशनल गेम्स के नाम पर वसूली का खेल
- हर खिलाड़ी से फीस, ड्रेस, खाने और रेल टिकट के नाम पर वसूले 3000 से 7000 रुपये
- राजीव गांधी खेल परिसर में तीन दिन चलने वाले खेलों का वित्त मंत्री ने किया शुभारंभ, दोपहर बाद हुए शुरू
विकास सैनी
रोहतक।
देश-दुनिया में अपने खिलाड़ियों के दम पर अलग पहचान बनाने वाले रोहतक की धरती पर शुक्रवार से अनोखा खेल शुरू हुआ। स्टूडेंट्स ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस खेल मुकाबले में देश के 24 राज्यों से 3000 खिलाड़ी यहां आए हैं। राजीव गांधी खेल परिसर में तीन दिनों तक चलने वाले इन खेलों में शामिल होने के लिए हर खिलाड़ी से 3000 से 7000 रुपये वसूले गए हैं। जेब से रुपये खर्च करने के अलावा स्पर्धा में जान लड़ाने के बाद भी जो सर्टिफिकेट और मेडल खिलाड़ियों को मिलेंगे वो खेल विभाग की ओर से मान्य ही नहीं है। वह खिलाड़ियों के किसी काम नहीं आ सकेंगे। सबसे बड़ी बात इस स्पर्धा का शुभारंभ शुक्रवार को वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा कराया गया। वित्त मंत्री ने इस दौरान आयोजकों को आयोजन के लिए ब्लैंक चेक दिया।
चौथा राष्ट्रीय स्तरीय मुकाबला आयोजित कर रही एसोसिएशन
स्कूल ओलंपिक एसोसिएशन एक संस्था है। इसे जिले के कुछ लोगों ने गठित किया है। दूसरे राज्यों में भी एसोसिएशन ने अपनी शाखाएं शुरू की हैं। एसोसिएशन खेल के मुकाबले करा नई प्रतिभाओं को निखारने का दावा करती है। इसके लिए पंजीकरण से लेकर अन्य बातों के लिए खिलाड़ियों से हजारों रुपये बतौर शुल्क वसूला जाता है। इसी क्रम में रोहतक में 4 जनवरी से चौथे स्टूडेंट्स ओलंपिक नेशनल खेल शुरू किए गए हैं।
स्पर्धा में अभिभावकों के आने पर बैन
स्पर्धा में मध्य प्रदेश से खिलाड़ियों ने बताया कि वे एमपी से अपने कोच के साथ आए हैं। अभिभावकों के साथ आने के लिए मना किया गया था। स्पर्धा के लिए हर खिलाड़ी ने पांच-पांच हजार रुपये दिए हैं।
350 में पंजीकरण, खाने के 700 रुपये
स्पर्धा के लिए एसोसिएशन ने 350 रुपये पंजीकरण शुल्क रखा है। इसके अलावा 700 रुपये खाने के लिए व 1600 रुपये खेल किट (ट्रैक सूट) के लिए गए हैं। यही नहीं एसोसिएशन ने ही इनका रेल टिकट बुक कराया। इसके लिए भी रुपये पहले ही वसूल लिए गए।
खाने के लिए लगी कतार, स्पर्धा भी देरी से हुई शुरू
स्टेडियम में शुक्रवार को दोपहर बाद स्पर्धाएं शुरू हुई। इससे पहले खिलाड़ियों ने दोपहर का भोजन लिया। इसके लिए उन्हें लंबी कतार में खड़े रहने पड़ा। खिलाड़ियों को करीब 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। कुछ यही हाल स्पर्धा का रहा। खेल स्पर्धा शुरू होने का खिलाड़ियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मैदान में खिलाड़ी अपने समूह बनाकर धूप सेंकते दिखाई दिए।
वित्त मंत्री ने आयोजकों को दिया ब्लैंक चेक
स्कूल ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से आयोजित चौथी स्टूडेंट्स ओलंपिक नेशनल खेल स्पर्धा का शुक्रवार को वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने शुभारंभ किया। यहां खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए उनसे खेलों में शामिल होने का आह्वान किया। यही नहीं उन्होंने एसोसिएशन को एक ब्लैंक चेक भी दिया। इसमें आयोजकों को अपनी मर्जी से राशि भरने की छूट दी। जबकि आयोजक पहले ही लाखों रुपये खिलाड़ियों से वसूल रहे हैं।
कोट
खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफार्म मुहैया कराने के लिए एसोसिएशन ने यह प्रयास शुरू किया है। इस पर करीब 30 से 35 लाख रुपये खर्च होगा। यह खर्च अपनी तरफ से उठाना मुश्किल है। इसलिए शुल्क लगाया है। यह जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग है। यह सारी प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके लिए वेबसाइट पर सूचना सार्वजनिक की जाती है। खिलाड़ियों को सुविधा मुहैया कराने के लिए उनसे शुल्क लिया गया है। पिछले दिनों विदेश में हुए मुकाबले में टीमें गई थी। इसके लिए खिलाड़ियों से केवल 17 हजार के हिसाब से शुल्क लिया गया, शेष एसोसिएशन ने वहन किया।
- प्रदीप भारद्वाज, महासचिव, स्टूडेंट ओलंपिक एसोसिएशन।
चौथी स्टूडेंट्स ओलंपिक नेशनल खेल स्पर्धा निजी है। इसे स्टूडेंट ओलंपिक एसोसिएशन आयोजित कर रही है। यह सरकारी नहीं है। ऐसे में इस स्पर्धा के दिए गए प्रमाण पत्र किसी काम नहीं आएंगे। इनसे न तो दाखिले में छूट मिलेगी और न ही नौकरी में। एसोसिएशन ने विभाग से जगह मांगी थी। मैदान पर स्पर्धा कराने का शुल्क विभाग को मिल गया है। एसोसिएशन स्पर्धा क्यों व किसलिए करा रही है, यह आयोजक बता सकते हैं।
- निर्मला, जिला खेल अधिकारी
एसोसिएशन खिलाड़ियों से रुपये ले रही है, इसकी जानकारी नहीं है। मेरी सोच सकारात्मक है। रोहतक इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की मेजबानी कर रहा है। किसी तरह की असुविधा ना हो। इसलिए ब्लैंक चेक एसोसिएशन को दिया था। बाद में आयोजकों ने इसे लेने से इनकार कर दिया। जहां तक प्रमाण पत्र की मान्यता का सवाल है, इस बारे में अभिभावकों व स्कूलों को ध्यान देना चाहिए।
- कैप्टन अभिमन्यु, वित्त मंत्री
मुझे पता नहीं कि यह क्या मामला है और प्रतियोगिता कौन करा रहा है। कई संस्थाएं अपने स्तर पर कार्यक्रम करवाती हैं। अगर किसी को कोई परेशानी होगी तो वह सामने आएगा। उसके बाद कार्रवाई होगी।
- अनिल विज, खेल मंत्री