सर्दियों में बाजारों में चोरी की वारदात रोकने के प्रयास का मामला ----
कहीं व्यापारी ढीले तो कहीं पुलिस, एसपी ने दिया गुरुवार तक का समय
- सिटी एसएचओ ने बढ़ाया कदम, बाकी जगह मीटिंग का इंतजार
- किला रोड के व्यापारियों को इंतजार, सिविल लाइन एसएचओ देर रात पहुंचे व्यापारियों के बीच
- अर्बन स्टेट थाना प्रभारी बोले, मुझे नहीं बुलाया मीटिंग में
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
ठंड में चोरी की वारदात रोकने के लिए पुलिस और व्यापारियों के बीच बनी राइडर और चौकीदार के तालमेल की योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। कहीं व्यापारी आगे कदम नहीं बढ़ा रहे तो कहीं पुलिस ढीली नजर आ रही है। केवल सिटी एसएचओ एसपी की मीटिंग के बाद ही सक्रिय हैं जो अपने बाजारों योजना को लागू कर चुके हैं। एसपी ने थाना प्रभारियों को गुरुवार तक का समय दिया है। इसके बाद सख्त जवाब तलबी की बात कही है।
तीन दिन पहले एसपी पंकज नैन ने शहर के व्यापारियों की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें सर्दी के मौसम में चोरी की वारदात रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने का फैसला हुआ था। एसपी ने व्यापारियों से सहयोग मांगा था कि वे पुलिस राइडर के साथ न केवल गश्त करें, बल्कि नजर भी रखें। व्यापारियों ने खुद गश्त करने की बजाए चौकीदार और राइडर के बीच तालमेल बनाने का आग्रह किया। तय हुआ कि हर रोज रात के समय तीन से चार जगह पुलिस राइडर और चौकीदार अलग-अलग समय पर एक जगह एकत्रित होंगे, जहां सीसीटीवी कैमरे के सामने हाजिरी लगाई जाएगी। ताकि सुबह मार्केट प्रधान व दूसरे व्यापारी कैमरे की जांच कर देख सकें कि राइडर ने गश्त की या नहीं। योजना पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से करने की हिदायत दी थी, लेकिन एक थाना प्रभारी को छोड़कर बाकी जगह प्रक्रिया बेहद ढीली चल रही है।
सिटी थाना :
एरिया में शौरी मार्केट, रेलवे रोड, माल गोदाम रोड व कच्चा बेरी रोड की बड़ी मार्केट आती हैं। चारों जगह गश्त के लिए न केवल दो पीसीआर व एक राइडर लगी है, बल्कि थाने की एक गाड़ी भी हर रोज गश्त करती है। वे व्यापारियों के साथ न केवल मीटिंग कर चुके हैं। साथ ही चौकीदारों के मोबाइल नंबर तक संबंधित राइडर व पीसीआर को दे दिए गए हैं। सीसीटीवी की लोकेशन अभी मांगी जा रही है।
- जगबीर सिंह, सिटी थाना प्रभारी
थाना प्रभारी न केवल एक घंटा मार्केट में बैठकर गए, बल्कि राइडर भी आ चुके हैं। चौकीदारों से तालमेल बनाया जा रहा है। उन्होंने खुद चौकीदारों के मोबाइल नंबर पुलिस को भेज दिए थे। सीसीटीवी कैमरों की भी जल्द लोकेशन बता देंगे।
गुलशन ईशपुनियानी, प्रधान शौरी मार्केट
पुरानी सब्जी मंडी थाना :
शहर के पुराने एरिया का दिल्ली गेट, बड़ा बाजार, किला रोड से लेकर चमेली मार्केट तक पुरानी सब्जी मंडी थाना एरिया में आती हैं, जो काफी भीड़भाड़ रहती है। थाना प्रभारी सुनीता से बात की तो उन्होंने कहा कि वे काफी व्यस्त हैं। पांच मिनट बाद खुद फोन करेंगे, लेकिन उनका फोन नहीं आया। वहीं, किला रोड के व्यापारी नेता रमेश पुनियानी ने बताया कि उन्होंने सब्जी मंडी थाना पुलिस को बता दिया था कि कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे हैं, लेकिन अभी तक कोई पुलिसकर्मी नहीं आया।
शिवाजी कालोनी थाना :
काठमंडी, शिवाजी कॉलोनी, झज्जर चुंगी, सुनारिया चौक के आसपास की दुकानें व मार्केट शिवाजी कॉलोनी थाना एरिया में आती हैं। थाना प्रभारी उमेद सिंह ने बताया कि काठमंडी से व्यापारी सोनू आया था, जिसने चार सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन दी है। वहां पर राइडर हर रोज जाकर हाजिरी लगाएंगे। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि मार्केट में चौकीदार नहीं है। वहीं, शिवाजी कालोनी बाजार में पुलिसकर्मी गए थे, लेकिन व्यापारियों ने न तो सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन बताई और न ही चौकीदार का नंबर दिया। मंगलवार को पुलिस की टीम दोबारा बाजार में जाकर व्यापारियों से बातचीत करेगी।
सिविल लाइन थाना :
शहर में सोनीपत और दिल्ली रोड के बीचोंबीच का एरिया सिविल लाइन थाने के अंतर्गत आता है, जहां दोनों रोड की मार्केट के साथ-साथ पालिका बाजार, डी पार्क, माडल टाउन, सुभाष नगर, मानसरोवर कालोनी तक की मार्केट शामिल हैं। थाना प्रभारी राजेश ने बताया कि व्यापारी नेताओं से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने देर रात पालिका बाजार में पहुंच कर बाजार के प्रधान गुलशन निझावन और दूसरे व्यापारियों से बातचीत की और चौकीदारों का ब्यौरा मांगा।
गांधी कैंप चौकी :
शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में गांधी कैंप बाजार एक है। एरिया में बेहद तंग गलियां और मकान बने हुए हैं। इसके बावजूद सर्दी में चोरी की वारदात रोकने के लिए न तो व्यापारी सक्रिय हुए हैं और न ही पुलिस। चौकी प्रभारी शमशेर सिंह ने बताया कि सोमवार को वे व्यस्त रहे। मंगलवार को मीटिंग करके योजना को सिरे चढ़ाने का प्रयास करेंगे।
अर्बन एस्टेट थाना :
शहर के ज्यादातर पाश इलाके अर्बन एस्टेट थाने में आते हैं। सेक्टर 1, 2, 3, 4 और 14 से लेकर सनसिटी और ओमैक्स तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी इसी थाने पर है। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें योजना की जानकारी नहीं है। उन्हें मीटिंग में नहीं बुलाया गया था। हालांकि सेक्टरों के अंदर मार्केट की सुरक्षा के लिए गश्त तेज कर दी है।
वर्जन
राइडर और चौकीदारों की संयुक्त गश्त योजना पर गंभीरता से काम होगा। सभी थाना प्रभारियों को दो दिन के अंदर योजना को अमलीजामा पहनाने का समय दिया गया है। इसके बाद सख्ती से जवाब मांगा जाएगा।
-पंकज नैन, पुलिस अधीक्षक