अमर उजाला इंपैक्ट : नप ने किया पेमेंट का भुगतान, ठेकेदार ने खोले शौचालयों के ताले
चरखी दादरी।
नवनिर्माणाधीन शौचालयों को लेकर ठेकेदार और नप अधिकारियों ने फंसा पेच आखिरकार सुलझ गया है। नप अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठेकेदार की 75 प्रतिशत पेमेंट का भुगतान कर दिया। इसके तत्काल बाद ठेकेदार ने शौचालयों पर जड़े ताले खोल दिए। हालांकि ठेकेदार का तर्क है कि अभी कुछ पेमेंट बकाया है लेकिन नप अधिकारियों ने जल्द ही इसकी अदायगी करने का आश्वासन उसे दिया है। अमर उजाला ने गत आठ सितंबर के संस्करण में शौचालयों पर ताले लटके होने के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद नप अधिकारियों ने हरकत में आते हुए भुगतान संबंधी समस्याओं को दूर करने का प्रयास शुरू किया। नप सूत्रों की मानें तो दो दिन पहले ही दोनों पक्षों में बात सिरे चढ़ी है और इसके बाद ही शौचालयों पर लटके ताले खोले गए हैं।
नगर परिषद अधिकारियों ने शहर में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराने की प्लानिंग जून माह में तैयार की थी। परिषद हाउस की बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया था। उस दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में छह शौचालयों के निर्माण की प्लानिंग की गई थी। इसके बाद इस प्लानिंग में फेरबदल किया गया। पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर नगर परिषद ने दो बड़े नए शौचालयों का निर्माण करवाया था। जुलाई माह के मध्य में ये दोनों शौचालय बनकर तैयार हो गए थे। इसके बावजूद ठेकेदार ने इन्हें नगर परिषद को हैंड ओवर नहीं किया। करीब डेढ़ माह तक स्थिति जस की तस रहने पर अमर उजाला ने आठ सितंबर के संस्करण में ‘नप ने पेमेंट नहीं किया तो शौचालयों पर लगाए ताले’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद नप अधिकारियों ने हरकत में आते हुए ठेकेदार से पेमेंट संबंधी कागजात मांगें। नप सूत्रों की मानें तो पिछले सप्ताह ही ठेकेदार प्रदीप को करीब दो लाख रुपये की पेमेंट नप अधिकारियों ने थमा दी है। ठेकेदार ने भी इस बात पृष्टि करते हुए बताया कि उन्हें करीब 75 प्रतिशत पेमेंट मिल चुकी है करीब 50 हजार की पेमेंट अभी उनकी बकाया है। नप ठेकेदार ने बताया कि पेमेंट का भुगतान होते ही उन्होंने इन शौचालयों की चाबी नप अधिकारियों को थमा दी और इस समय दोनों शौचालयों को आमजन प्रयोग कर रहा है।
बाक्स: परिषद हाउस की बैठक में भी उठा मुद्दा
वीरवार को घमासान के चलते स्थगित की गई परिषद हाउस की बैठक में भी शौचालयों की बदहाली का मुद्दा उठा था। पार्षद महेश गुप्ता ने भी नव निर्माणाधीन शौचालयों पर जड़े तालों का जिक्र किया तो एमई हरिकिशन शर्मा ने शौचालयों के ताले खुलवा देने का तर्क दिया। बता दें कि नगर परिषद ने एक शौचालय कोर्ट रोड़ पर तो दूसरा कॉलेज मोड़ के समीप बनवाया है। एक शौचालय निर्माण पर करीब सवा लाख रुपये की लागत आने की संभावना विभागीय अधिकारियों ने जताई है।
वर्जन::
हमने ठेकेदार की पेमेंट कर दी है और उससे चाबियां लेकर शौचालयों पर जड़े ताले खोल दिए हैं। दोनों शौचालयों को अब आमजन प्रयोग कर रहे हैं। भविष्य में भी अगर सार्वजनिक शौचालय निर्माण की किसी भी क्षेत्र से डिमांड आई तो जरूरत के मुताबिक वहां निर्माण करवा देंगे।
हरिकिशन शर्मा, एमई नगर परिषद
वर्जन::
नप अधिकारियों ने करीब दो लाख रुपये की राशि मुझे दे दी है। अभी कुछ राशि बकाया है जिसका भुगतान जल्द करने का आश्वासन मुझे दिया गया है। शौचालयों पर लटके ताले खोलने के लिए मैंने अधिकारियों को चाबियां दे दी हैं।
प्रदीप कुमार, ठेकेदार नगर परिषद