अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर में जगह-जगह लगने वाले जाम ने शहर की रफ्तार रोक दी है। आलम यह है कि सर्कुलर रोड सहित विभिन्न जगहों पर कई जगह तो वाहन चालकों का निकलना ही दूभर हो जाता है। कई बार तो वाहन चालकों में आपस में टकराव तक हो जाता है। जाम लोगों के लिए परेशानी बनकर रह गई है। शहर से निकलकर कब तक मंजिल तक पहुंचेंगे इसको लेकर कोई भी आश्वस्त नहीं रहता। शहर में जाम से हालात इतने विकट हो गए हैं कि लोग मुख्य बाजारों से न होकर अब गलियों से निकलना पसंद करते हैं। शहर में जाम की सर्वाधिक समस्या बस स्टैंड, बावल चौक और धारूहेड़ा चुंगी पर रहती है। शहर में लगने वाली जाम को बढ़ाने में रेहड़ियां भी कसर नहीं छोड़ रही हैं। सड़क पर लगने वाली इन रेहड़ियों से सड़कें सिमट कर रह गई हैं। इससे जाम की समस्या अधिक बढ़ने लगी है। नगर परिषद ने कई बार इनके खिलाफ कार्रवाई भी की है। यह समस्या समाप्त होने का नाम ही नहीं लेती। शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ने का बड़ा कारण यातायात पुलिसकर्मियों की कमी भी है। जिले में महज 28 यातायात पुलिसकर्मी हैं। ऐसे में शहर में यातायात व्यवस्था का जिम्मा होमगार्ड के जवान संभालते हैं।
दुकानों के आगे हो रहे अतिक्रमण
पक्के दुकानदारों के अपनी दुकानों आगे हो रहे अतिक्रमण से भी परेशानी बढ़ी है। इन दुकानों के आगे लगनी वाली इन रेहड़ियों से यातायात व्यवस्था थम जाती है। पिछले दिनों नगर परिषद ने शहर के सभी बाजारों के प्रधानों को इस अतिक्रमण को शीघ्र समाप्त कराने की अपील की थी। इसमें कहा गया था अतिक्रमण के चलते शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो रही है। जिससे शीघ्र निपटा जाए। शहर में चलने वाले टैंपो भी जाम को बढ़ावा दे रहे हैं। शहर की सड़कों पर ये टैंपो बेहिसाब दौड़ रहे हैं। टैंपो चालक अपनी मनमर्जी से रास्ते में ब्रेक लगा देते हैं। जिससे जाम लग जाता है। हालांकि पुलिस इन पर पूरी नजर रखती है। इसके बाद भी यह समस्या कम ही नहीं हो रही।
रेलवे रोड से निकलना मुश्किल
रेलवे स्टेशन के सामने जाने वाले मार्ग पर भी जाम से बुरा हाल है। मार्ग पर दुकानों के सामने अतिक्रमण। ऊपर से बीच में डिवाइड और यहां रास्ते में खड़े होने वाले टैंपो से अधिकांश समय यहां जाम लगा रहता है। इससे रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि जाम के समाधान के लिए रास्ते भी निकाले गए। नाईवाली चौक पर पुल के नीचे से रास्ता निकालकर जाम से निपटने का प्रयास किया। सर्कुलर रोड पर भी रेहड़ियों को नालों के ऊपर लगवाया गया। लेकिन इसके बाद भी इस समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।
नगर परिषद की तरफ से समय-समय पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यह कार्रवाई आगे भी चलती रहेगी। बाजार के प्रधानों को भी इस संबंध में पत्र भेजकर उनसे समस्या के समाधान में सहयोग की अपील की है। - विनीता पीपल, चेयरपर्सन, नगर परिषद, रेवाड़ी
जिले में यातायात पुलिस के कुल 28 कर्मचारी हैं। इनको ही बावल, एनएच-आठ और शहर की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। शहर में यातायात संचालन में होमगार्ड का भी सहयोग लिया जाता है। हम ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से निभाने का प्रयास करते हैं। - हरी सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक
शहर में जाम एक बहुत बड़ी समस्या है। इसका निदान बहुत जरूरी है। पुलिस की तैनाती ठीक होनी चाहिए। साथ ही लोगों को भी यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। - अंकित, रोलियावास
कई बार जाम के कारण काम अटक जाते हैं। लंबे-लंबे जाम से बहुत बड़ी समस्या हो जाती है। इसका समाधान बहुत जरूरी है। -विजय यादव