धान बिजाई और बिजली-पानी की चोरी रोकने के लिए पंचायत
चरखी दादरी।
गांव घिकाड़ा में रविवार को धान की बिजाई और बिजली-पानी के मसले पर आठ गांवों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत की अध्यक्षता सांगवान खाप प्रधान सोमवीर सांगवान ने की। इसमें धान की बिजाई करने वाले किसानों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। इस दौरान पंचायत के बीच में दो पक्षों की झड़प भी हुई। खाप पदाधिकारियों ने इस झड़प का कारण पंचायत की कार्रवाई से हटकर निजी बताया है। पंचायत करीब छह घंटे तक चली। दो दिन बाद इस विषय में फिर से पंचायत आयोजित की जाएगी। खाप पदाधिकारियों का तर्क है कि अगली पंचायत में इस मामले में खाप कोई फैसला लेगी। वहीं, धान की रोपाई करने वाले किसानों ने खाप के इस फैसले से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट गहराने का तर्क भी दिया है। उन्होंने धान प्रतिबंध के फैसले को जबरन मनवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार घिकाड़ा गांव में सांगवान खाप-40 के प्रधान सोमबीर सांगवान की अध्यक्षता में गांव घिकाड़ा, खेड़ी बत्तर, पांडवान, चरखी, मिर्च, फतेहगढ़, पैतावास व साहुवास गांवों की पंचायत आयोजित की गई। इसमें खाप सचिव नरसिंह डीपीई सांगवान भी उपस्थित रहे। सांगवान खाप सोमवीर सांगवान ने बताया कि गांव घिकाड़ा में पिछले दिनों पंचायत कर मौजूदा खरीफ सीजन में इन आठ गांवों में धान की रोपाई नही करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद भी ग्रामीणों ने पंचायत के इस फैसले की उल्लंघन कर धान की रोपाई कर दी। रविवार को इसी संबंध में गांव घिकाड़ा में आठ गांवों की पंचायत आयोजित की गई।
पंचायत में सांगवान खाप प्रधान सोमवीर सांगवान ने कहा कि धान की फसल के लिए सिंचाई की अधिक मात्रा में जरूरत होती है इससे बिजली-पानी की खपत भी बढ़ती है। इतना ही नहीं धान की रोपाई से इन गांवों में जलस्तर बढ़ जाता है तथा गांवों में बरसाती पानी घुस जाता है जिससे कई बार लोगों को घरों से पलायन तक करना पड़ जाता है। सोमवीर सांगवान ने कहा कि बिजली-पानी की चोरी नहीं होनी चाहिए। नहरी पानी टेल तक पहुंचना चाहिए। पंचायत में सरपंच सामेश घिकाड़ा, चरखी सरपंच गुलजारी, सांगवान खाप सचिव नर सिंह, प्रदीप नंबरदार, सुरेंद्र सिंह, प्रहलाद, रोशन, मनोहरलाल, सरपंच धीरपाल,त इंद्रजीत सिंसह सहित आठ गांवों के ग्रामीण मौजूद थे। दो दिन बाद होगी अगली पंचायत
सांगवान खाप प्रधान सोमवीर सांगवान ने बताया कि रविवार को हुई इस पंचायत में धान की रोपाई करने वाले किसानों को दो दिन का समय दिया गया है। इन लोगों को पंचायत के पुराने फैसले की पालना करनी चाहिए ताकि इन गांवों के सभी लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। दो दिन के बाद फिर से कोई नया निर्णय लिया जा सकता है। इस दौरान पंचायत में दो पक्षों के बीच आपसी नोकझोंक भी हुई। बताया जाता है कि हाथापाई तक की नौबत आ गई थी। बाद में लोगों द्वारा बीच-बचाव कर मामला शांत करवा दिया।
पंचायत ने नहीं सुना किसानों का पक्ष
गांव घिकाड़ा निवासी किसान संदीप व विजय ने बताया कि घिकाड़ा गांव के करीब 65 किसानों ने अपने खेतों में धान की रोपाई की है। इसी को लेकर रविवार को सांगवान खाप 40 प्रधान सोमबीर सांगवान की अध्यक्षता में पंचायत की गई। पंचायत में धान लगाने वाले सभी किसानों को बुलाया गया था। सभी किसान धान लगाने पर पंचायत के सामने अपना पक्ष रखना चाहते थे लेकिन पंचायत ने उनकी एक नहीं सुनी। किसानों ने बताया कि उन्हें भरण पोषण का जरिया सिर्फ कृषि है अब धान रोपाई बंद करवाकर उन्हें व्यवसाय छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
वर्जन--
पंचायत का मकसद नहरी पानी व बिजली की चोरी रोकना है। अगर नहरी पानी की चोरी पर रोक नहीं लगी तो प्रशासन की मदद ली जा सकती है। पंचायत ने धान की रोपाई करने वाले किसानों को दो दिन का समय दिया है। इन लोगों को पंचायत के पुराने फैसले की पालना करनी चाहिए। पंचायत सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई है। पंचायत की एक साइड में बच्चों की आपसी कहासुनी हुई थी।
सोमवीर सांगवान, सांगवान खाप प्रधान