रोहतक। प्रदेश में शहर को सफाई के क्षेत्र में एक बार फिर से नंबर एक बनाने के लिए नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा खुद फील्ड में उतर आए हैं। मंगलवार दोपहर बाद फायर ब्रिगेड के कार्यालय में सफाईकर्मियों की खुद हाजिरी ली। सूत्रों का कहना है कि करीब 90 सफाईकर्मी गैरहाजिर मिले। आयुक्त ने सभी से जवाब मांगा है।
2023 के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर प्रदेश में नंबर एक आया था, लेकिन 2025 में प्रदेश सरकार की तरफ से करवाए गए सर्वे में रोहतक प्रदेश के सभी निगमों में फिसड्डी साबित हुआ। नए आयुक्त ने सफाई व्यवस्था को लेकर बदलाव की तैयार की है।
तीन दिन तक निगम के 24 दरोगा की हाजिरी ली। मंगलवार को फील्ड में आए सभी सफाईकर्मियों को फायर ब्रिगेड कार्यालय में बुलाया गया, जहां एक-एक दरोगा की सूची लेकर कर्मचारियों की हाजिरी ली। 635 में 90 के करीब कर्मचारी गैरहाजिर मिली। इसमें 40 के करीब कर्मचारी निजी कारणों से अवकाश पर मिले, लेकिन 50 कर्मचारी ऐसे बताए गए हैं, जो ड्यूटी पर नहीं थे।
स्वच्छता रैंकिंग के लिए सफाईकर्मियों पर डाला जा रहा बोझ : शंभू प्रधान
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान शंभू ने कहा है कि स्वच्छता रैंकिंग के लिए कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ डाला जा रहा है। 2023 में जब शहर स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम आया था, उस समय निगम ठेके पर तीन शिफ्ट में सफाई करवाता था। अब 650 कर्मचारियों पर पूरे शहर की सफाई का बोझ डाला जा रहा है।
दूसरे विभागों से भी सफाईकर्मी वापस बुलाकर फील्ड में उतारे जाएं
निगम के अधिकारियों ने कार्यालय में कार्यरत 30 सफाईकर्मियों को फील्ड में जाने के लिए कहा है। निगम उन सफाईकर्मियों को भी वापस बुलाकर फील्ड में उतारे, जो दूसरे विभागों में काम कर रहे हैं।
- संजय बिड़लान, पूर्व प्रधान नगर निगम
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सफाईकर्मियों की हाजिरी ली है, जिसकी फाइनल रिपोर्ट तैयार की जा रह है। गैरहाजिर कर्मचारियों से जवाब मांगा जाएगा। शहर की सफाई उनकी प्राथमिकता है। सफाईकर्मियों की समस्याओं को भी दूर किया जाएगा। कार्यालय में कार्यरत कर्मियों को भी फील्ड में भेजने पर मंथन किया जा रहा है।
= डॉ. आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम।