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पशुगणना के तहत अब पशुओं का भी बनेगा आधार कार्ड

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अमर उजाला ब्यूरो
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घरौंडा (करनाल)। केंद्र सरकार की 20वीं पशुगणना के तहत अब कुत्तों का भी आधार कार्ड बनेगा। आपके आधार कार्ड के आधार पर पशुओं का भी आधार कार्ड बनाया जाएगा। पशुओं का आधार कार्ड बनाने के पीछे सरकार की मंशा साफ है कि आखिर देश में कुल कितनी गाय, भैंस, बकरी, घोड़ा, गधा, सुअर, हाथी, मुर्गियां, कुत्ते और बतख इत्यादि है।
सरकार को अंदेशा है कि काफी तेज गति से पशुओं की संख्या में कमी आ रही है। इसको लेकर सरकार ने पूरे देश में पशु गणना अभियान चला रखा है। इससे पूर्व, पशुगणना अभियान सन् 2012 में चलाया गया था। उस समय कराए गए पशु गणना में हरियाणा में 18.08 लाख गाय, 60.85 लाख भैंस, 3.36 लाख भेड़, 3.69 लाख बकरियां, 1.27 लाख सूअर, 37 हजार घोड़े और टट्टू, 19 हजार ऊंट, 3 हजार गधे, 9 हजार खच्चर थे। इसके अतिरिक्त, प्रदेश 558.5 करोड़ के अंडे उत्पादन के साथ देश में छठे स्थान पर आया, जहां प्रति व्यक्ति को एक वर्ष में 209 अंडे की उपलब्धता थी। सरकार पशुओं की गणना का सर्वेक्षण इसलिए भी करवा रही है, ताकि पशु गणना के आधार पर भविष्य में पशुओं के लिए पर्याप्त वेटनेरी अस्पताल, दवाइयों का निर्माण और उत्पादन कर सके। इसके अलावा, पशु पालकों को सरकार खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करवा सकती है। इसलिए आप अपने कुत्तों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर करवा लीजिए। यह अभियान 30 जनवरी से शुरू हुआ है, जो कि एक मई तक चलेगा।
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क्या कहते हैं पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सिस्टम एनालिस्ट
सिस्टम एनालिस्ट दिनेश कुमार ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से यह अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। हमने अभी तक 40 प्रतिशत सर्वेक्षण कर लिया है। शेष सर्वेक्षण भी एक मई तक पूरा कर लिया जाएगा। विभाग के कर्मचारी डोर-टू-डोर जाकर इसका सर्वेक्षण कर रहे है। इस स्कीम के तहत सरकार की तरफ से काफी सहूलियत दी जा सकती है।
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