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हुड्डा की चोटी में पसीना ला देंगी गढ़ी सांपला-किलोई की महिलाएं : नैना चौटाला

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रोहतक। जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला की माता और डबवाली से विधायक नैना चौटाला ने कहा कि हुड्डा का गढ़ रोहतक अब दरक रहा है। खुद गढ़ी सांपला-किलोई हलके की महिलाएं ही पूर्व सीएम की चोटी में पसीना ला देंगी। क्योंकि 10 साल हलके को सूखी चौधर के सिवाय कुछ नहीं मिला। वे सोमवार को पूर्व सीएम हुड्डा के हलके व इनेलो जिलाध्यक्ष सतीश नांदल के पैतृक गांव बोहर में हरी चुनरी चौपाल कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित कर रही थीं।
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नैना ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 10 वर्ष के शासनकाल में कुछ नहीं किया और साढ़े चार वर्षों से भाजपा भी उसी राह पर चल रही है। इस बार किलोई हलके की महिलाएं बदलाव लाने के मूड में हैं और हुड्डा साहब की चोटी में पसीना ला देंगी। हुड्डा का गढ़ अब जेजेपी का गढ़ बनने जा रहा है। भाजपा के राज में महिलाओं के हितों पर सबसे अधिक कुठाराघात हुए हैं। 6 माह से लेकर 70 साल की महिला तक सुरक्षित नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आए दिन बच्चियों-महिलाओं के अपहरण और दुष्कर्म की घटनाएं सुर्खियां बन रही हैं। लड़कियों के पढ़ने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षण संस्थान नहीं हैं और कन्या स्कूलों को अपग्रेड नहीं किया गया। सरकारी अस्पतालों में महिला डॉक्टरों की कमी है, पर्याप्त दवाइयां और जांच की सुविधाएं नहीं हैं। नैना चौटाला ने कहा कि महिलाएं अपने वोट की ताकत को पहचानें, वे सत्ता परिवर्तन में सक्षम हैं। उन्होंने कांग्रेस व भाजपा को चुनावों में सबक सीखाने का आह्वान करते हुए कहा कि इस बार दुष्यंत चौटाला को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएं।

महिलाओं द्वारा दी गई गदा को मस्तनाथ मंदिर में भेंट किया
हरी चुनरी चौपाल कार्यक्रम में पहुंची नैना चौटाला को महिला कार्यकर्ताओं द्वारा गदा भेंट की गई, जिसे नैना चौटाला ने मस्तनाथ मंदिर में देने की घोषणा की।

बिना शादी के सीएम-पीएम क्या जानें महिलाओं का दर्द
विधायक नैना चौटाला ने कहा कि प्रदेश की पहचान एक बलात्कारी प्रदेश के रूप में होने लगी है। उन्होंने कहा कि सीएम मनोहर लाल व पीएम नरेंद्र मोदी ने शादी करके स्वयं घर नहीं बसाया, वे क्या जाने बहन-बेटियों का दर्द और उनकी समस्याओं को। बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा तो दे दिया पर न प्रदेश में बेटियां बच रहीं है और न पढ़ पा रही हैं। यह नारा भी एक जुमला बन कर रह गया। कार्यक्रम में महिला प्रदेशध्यक्ष शीला भ्याण, महिला जिला प्रधान मीना मकड़ौली, प्रेमलता खत्री, बाली किलोई, सुषमा चिड़ी, भानवती किलोई, निर्मला लाढ़ोत, संतोष जसिया, प्रोमिला सांगवान, मूर्ति देवी, शीला रिठाल, बबिता पूनिया, सरोज बैनिवाल, शीला चहल, कपिला कादियान भी मौजूद रहीं।
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