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फ्लैग : शहर की सड़कें हो रहीं खोखली, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, किसी समय हो सकता है हादसा
हेडिंग: तीन जगह धंसा सिविल रोड, सेक्टर 1 में भी सड़क में बना गड्ढा
- पावर चौक पर दो सप्ताह से धंसी है सड़क, किसी को नहीं परवाह
- डीसी बोले, लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लेंगे जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पानी की लीकेज के चलते शहर की सड़कें खोखली होती जा रही हैं। आलम यह है कि अकेले सिविल रोड पर एमडीयू के गेट नंबर एक, पावर हाउस चौक व सोनीपत स्टैंड पर सड़क धंस चुकी है। साथ ही सेक्टर-1 में भी सड़क के अंदर गड्ढा बन गया है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। डीसी डॉक्टर यश गर्ग ने कहा यदि शिकायत आती है तो अधिकारियों से रिपोर्ट मांगेंगे।
केस नंबर 1 :
एमडीयू गेट के सामने तीन बार धंसी सड़क, खानापूर्ति जारी
एमडीयू के गेट नंबर एक के ठीक सामने नगर निगम का शौचालय है। जहां दो जगह सड़क धंस चुकी है। पीडब्ल्यूडी की तरफ से रोड़ी डालकर गड्ढे को तीन बार भरा जा चुका है, लेकिन वाहन के दबाव व बारिश के पानी कटाव से फिर गड्ढा हो जाता है। विभाग स्थाई समाधान नहीं कर रहा है।
केस नंबर 2 :
राजीव गांधी विद्युत भवन के सामने 15 दिन पहले बना गड्ढा
पावर हाउस चौक के नजदीक राजीव गांधी विद्युत भवन है। 15 दिन पहले भवन के सामने दिल्ली रोड पर 10 फीट लंबा व तीन फीट चौड़ा गड्ढा बना था। अंदर झांकने से साफ लग रहा है कि पानी व सीवरेज की लाइन लीकेज के कारण मिट्टी धंस गई है। किसी ने पॉलीथिन की रस्सी बनाकर चारों तरफ बांधी है। गड्ढे को भरने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। अगर कोई बड़ा हादसा हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा।
केस नंबर 3 :
सोनीपत स्टैंड पर फिर धंसी सड़क
व्यस्त इलाके सोनीपत स्टैंड पर कोर्ट परिसर मोड़ के ऊपर गड्ढा एक बार फिर धंस गया है। सोमवार सुबह सड़क के बीचों-बीच ताजा गड्ढा हुआ। विभाग की तरफ से पहले भी गड्ढे को भरा गया है, लेकिन पानी के कटाव के चलते मिट्टी धंस रही है। स्थाई समाधान न होने के कारण बार-बार सड़क खोखली हो रही हैं।
केस नंबर 4 :
सेक्टर एक में भी धंसी सड़क
शहर के पॉश इलाके सेक्टर एक में शॉपिंग माल के सामने तीन दिन पहले सड़क धंस गई। गड्ढा होने के बावजूद नगर निगम या हुडा प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। सेक्टर एक की आरडब्ल्यू के प्रधान कदम सिंह अहलावत का कहना है कि मामले की डीसी को शिकायत की जाएगी।
लंबे समय तक गड्ढे न भरना लापरवाही है। पीडब्ल्यूडी व निगम के अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
-डॉ. यश गर्ग, डीसी